KGMU के डॉ. फहद मंसूर समदी को मिली ग्लासगो फेलोशिप

डॉ. समदी बने उत्तर भारत के प्रथम ओरल पैथोलॉजिस्ट

Lucknow King George’s Medical University : लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), में ओरल पैथोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. फहद मंसूर समदी को दंत चिकित्सा क्षेत्र में प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक सम्मान ‘रॉयल कॉलेज ऑफ फिजिशियन्स एंड सर्जन्स ऑफ ग्लासगो’ की फेलोशिप (एफडीएस आरसीपीएस ग्लासगो) से सम्मानित किया गया है। विदित हो कि डॉ. समदी उत्तर भारत के पहले ओरल पैथोलॉजिस्ट हैं, जिन्हें यह फेलोशिप प्राप्त हुई है। वह  केजीएमयू के फैकल्टी ऑफ डेंटल साइंसेज़ से यह सम्मान पाने वाले तीसरे विशेषज्ञ हैं।  डॉ. समदी ने दंत शिक्षा, शोध और शिक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जर्नलों में लगभग 70 शोध पत्र प्रकाशित किए हैं, साथ ही पांच पुस्तकें और दो पुस्तक अध्याय भी लिखे हैं। उनके नवाचार और शैक्षणिक योगदान के परिणामस्वरूप उन्हें चार पेटेंट और दो कॉपीराइट भी प्राप्त हुए हैं।
उनकी शिक्षण उत्कृष्टता को केजीएमयू में लगातार तीन वर्षों (2021–2023) तक ‘मोस्ट पॉपुलर टीचर अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है।

डॉ. फहद मंसूर समदी इंटरनेशनल कॉलेज ऑफ डेंटिस्ट्स (आईसीडी) और पियरे फौचार्ड अकादमी, सेक्शन-एट-लार्ज, एशिया रीजन के फेलो भी हैं, इसके अलावा उन्हें कई अन्य व्यावसायिक सम्मान भी प्राप्त हैं।
रॉयल कॉलेज ऑफ फिजिशियन्स एंड सर्जन्स ऑफ ग्लासगो की यह प्रतिष्ठित फेलोशिप डॉ. समदी के शैक्षणिक करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो दंत शिक्षा, शोध, शिक्षण और पेशे के प्रति उनके निरंतर योगदान को मान्यता देती है। यह उपलब्धि किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी और ओरल पैथोलॉजी विभाग के लिए भी गौरव की बात है।

गौरतलब है कि इससे पहले यह सम्मान ओरल सर्जरी विभाग के प्रो. शादाब मोहम्मद और स्वर्गीय प्रो. दिव्या मेहरोत्रा को मिल चुका है।

Back to top button