
Nautapa 2026: नौतपा की भीषण गर्मी में भूलकर भी न करें ये काम, सेहत के लिए हानिकारक!
Nautapa 2026 Health Tips in Hindi: साल के सबसे गर्म 9 दिन (नौतपा) शुरू हो चुके हैं। इस भीषण गर्मी और लू (Heatwave) के प्रकोप से खुद को बचाने के लिए जानें क्या करें और क्या न करें।
Nautapa 2026 Health Care Tips: साल के सबसे गर्म दिन यानी ‘नौतपा’ की शुरुआत 25 मई से हो चुकी है, जो 2 जून तक चलेगी। ज्योतिषीय और वैज्ञानिक दोनों ही दृष्टिकोण से इन 9 दिनों में सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं, जिससे उत्तर और मध्य भारत में तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना रहती है। मौसम विभाग (IMD) ने भी इस भीषण हीटवेव (लू) को लेकर अलर्ट जारी किया है।
इस चिलचिलाती धूप और चकाचौंध करने वाली गर्मी में आपकी एक छोटी सी लापरवाही सेहत के लिए बेहद घातक (Fatal for Health) साबित हो सकती है। डॉक्टरों के मुताबिक, इस दौरान हीट स्ट्रोक (लू लगना) और डिहाइड्रेशन का खतरा सबसे ज्यादा होता है। आइए जानते हैं नौतपा के दौरान खुद को सुरक्षित रखने के लिए आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और किन गलतियों से बचना चाहिए (Nautapa Dos and Don’ts)।
नौतपा में क्या ‘न’ करें? (Don’ts During Nautapa)
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धूप से आते ही तुरंत ठंडा पानी पीना: जब आप बाहर की भीषण गर्मी (45+ डिग्री) से घर लौटते हैं, तो शरीर का तापमान बहुत अधिक होता है। ऐसे में तुरंत फ्रिज का बर्फीला पानी, कोल्ड ड्रिंक या आइसक्रीम खाने से शरीर को ‘थर्मल शॉक’ लग सकता है। इससे सर्दी-खांसी, बुखार, गले में खराश और डाइजेशन खराब होने का खतरा बढ़ जाता है।
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खाली पेट बाहर निकलना: नौतपा की तेज धूप में खाली पेट घर से बाहर निकलना सीधे लू को दावत देना है। खाली पेट रहने से शरीर की इम्यूनिटी और एनर्जी लेवल कम हो जाता है, जिससे गर्म हवाएं (थपेड़े) शरीर पर तुरंत असर करती हैं।
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दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बेवजह बाहर जाना: स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक सूरज की किरणें सबसे तीखी और खतरनाक होती हैं। इस दौरान बिना किसी जरूरी काम के सीधे धूप में जाने से बचें।
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ज्यादा चाय, कॉफी या शराब का सेवन: गर्मी के दिनों में कैफीन और अल्कोहल का अधिक सेवन शरीर को तेजी से डिहाइड्रेट करता है। यह शरीर में पानी सोख लेता है, जिससे चक्कर आने की समस्या बढ़ सकती है।
नौतपा में क्या ‘जरूर’ करें? (Dos During Nautapa)
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हर आधे घंटे में पानी पीते रहें: इस मौसम में पसीने के जरिए शरीर से पानी और जरूरी मिनरल्स लगातार बाहर निकलते हैं। डिहाइड्रेशन, सिरदर्द और कमजोरी से बचने के लिए प्यास न लगने पर भी हर थोड़े अंतराल में पानी पीते रहें।
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देसी ड्रिंक्स को डाइट में शामिल करें: सादे पानी के अलावा शरीर को हाइड्रेट और ठंडा रखने के लिए छाछ, नींबू पानी, आम पन्ना, बेल का शरबत, नारियल पानी और ओआरएस (c) का घोल नियमित रूप से लें। मिट्टी के घड़े का पानी पीना सबसे बेहतर माना जाता है।
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हल्के और सूती कपड़े पहनें: गर्मी में शरीर में हवा का वेंटिलेशन होना जरूरी है। इसलिए ढीले, हल्के रंग के और सूती (Cotton) कपड़े पहनें। हल्के रंग सूर्य की किरणों को रिफ्लेक्ट करते हैं, जिससे गर्मी कम लगती है।
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खाली पेट न रहें, मौसमी फल खाएं: घर से हमेशा कुछ खाकर और पानी पीकर ही निकलें। अपनी डाइट में पानी से भरपूर मौसमी फल जैसे तरबूज, खरबूजा, खीरा और ककड़ी शामिल करें।
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धूप से बचाव के साधन अपनाएं: यदि दोपहर में बाहर निकलना बेहद जरूरी हो, तो सिर को गमछे, टोपी या स्कार्फ से ढकें और साथ में छाता तथा पानी की बोतल हमेशा रखें। आंखों की सुरक्षा के लिए सनग्लासेस (धूप का चश्मा) जरूर लगाएं।
हीट स्ट्रोक (लू लगना) के लक्षणों को न करें नजरअंदाज
अगर धूप में रहने के बाद आपको या आपके परिवार में किसी को नीचे दिए गए लक्षण महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:
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तेज सिरदर्द और चक्कर आना
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अत्यधिक कमजोरी या उल्टी आना
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त्वचा का बहुत गर्म और लाल होना लेकिन पसीना न आना
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आंखों के आगे अंधेरा छा जाना या बेहोशी महसूस होना
नोट: नौतपा के दौरान बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को अत्यधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में मरीज को तुरंत ठंडी या छांव वाली जगह पर ले जाएं और ओआरएस का घोल दें।





