
खोया मोबाइल अब मिलेगा वापस! लखनऊ पुलिस ने 21 लाख के फोन किए बरामद…
Lucknow News: लखनऊ में चलाए जा रहे खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामदगी अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। उत्तरी जोन की सर्विलांस सेल और क्राइम टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर 101 मल्टीमीडिया मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइलों की कुल कीमत करीब 21 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस की इस कार्रवाई से उन लोगों के चेहरे पर फिर मुस्कान लौट आई, जिन्होंने उम्मीद छोड़ दी थी कि उनका मोबाइल कभी वापस मिल पाएगा।
अलग-अलग थाना क्षेत्रों से मिली थीं शिकायतें
डीसीपी उत्तरी Gopal Krishna Chaudhary ने बताया कि बीते कुछ महीनों में उत्तरी जोन के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से मोबाइल गुम होने और चोरी होने की कई शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। शिकायतकर्ताओं ने बताया था कि उनके महंगे स्मार्टफोन कहीं खो गए या चोरी हो गए हैं।
इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए सर्विलांस सेल और क्राइम टीम को मोबाइल ट्रेस करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके बाद टीम ने सभी मोबाइल नंबरों और IMEI नंबरों को तकनीकी निगरानी पर लगाया और लगातार लोकेशन ट्रैकिंग शुरू की।
तकनीकी निगरानी से मिला सुराग
पुलिस टीम ने आधुनिक तकनीक और सर्विलांस सिस्टम की मदद से मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रैक की। जांच के दौरान कई मोबाइल फोन लखनऊ के अलावा अन्य जनपदों में भी सक्रिय मिले। टीम ने लगातार छापेमारी और फील्ड वर्क करते हुए विभिन्न कंपनियों के कुल 101 मोबाइल फोन बरामद कर लिए।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक बरामद मोबाइलों में कई महंगे एंड्रॉयड और आईफोन भी शामिल हैं। इन मोबाइलों की बाजार कीमत लगभग 21 लाख रुपए बताई जा रही है।
मोबाइल वापस मिलने पर भावुक हुए लोग
बरामद मोबाइल फोन पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उनके असली मालिकों को सौंपे गए। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस मिलने पर कई लोग भावुक नजर आए। लोगों ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका खोया फोन वापस मिल पाएगा।
मोबाइल वापस पाने वाले लोगों ने लखनऊ पुलिस की कार्यशैली और सर्विलांस टीम की सराहना की। कई लोगों ने कहा कि फोन में जरूरी दस्तावेज, तस्वीरें और व्यक्तिगत जानकारी होने के कारण उन्हें काफी परेशानी हो रही थी।
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साइबर अपराध रोकने में भी मददगार अभियान
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन का इस्तेमाल कई बार साइबर अपराध और धोखाधड़ी में भी किया जाता है। ऐसे में मोबाइल बरामदगी अभियान केवल लोगों की संपत्ति वापस दिलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे साइबर अपराधों पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलती है।
पुलिस ने बताया कि कुछ मामलों में मोबाइल खरीदने वाले लोगों से भी पूछताछ की गई। उन्हें बिना दस्तावेज या संदिग्ध परिस्थितियों में मोबाइल खरीदने से बचने की सलाह दी गई है।
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लोगों से सतर्क रहने की अपील
डीसीपी गोपाल कृष्ण चौधरी ने नागरिकों से अपील की कि मोबाइल गुम होने या चोरी होने की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दें और साइबर पोर्टल या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि समय पर शिकायत मिलने से मोबाइल ट्रैक करने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
उन्होंने यह भी कहा कि लखनऊ पुलिस आगे भी इसी तरह अभियान चलाकर लोगों की खोई संपत्ति वापस दिलाने और साइबर अपराध पर नियंत्रण करने का प्रयास जारी रखेगी।
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