
KGMU से पुलिस को चकमा देकर फरार हुआ रेप का आरोपी, सुरक्षाकर्मियों पर गिरी गाज
Lucknow KGMU: लखनऊ के KGMU अस्पताल में इलाज करा रहा एक शातिर विचाराधीन कैदी हैदर अली पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। सुरक्षा में तैनात दो पुलिसकर्मियों पर लापरवाही का मामला दर्ज किया गया है।
Lucknow KGMU: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कानून व्यवस्था और पुलिस कस्टडी की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया एक विचाराधीन कैदी (Undertrial Prisoner) पुलिस को चकमा देकर रफूचक्कर हो गया। शुक्रवार की सुबह जब सुरक्षाकर्मियों ने कैदी के वार्ड का मुआयना किया, तो उसके बेड को खाली देख पुलिस महकमे और जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
रेप और धोखाधड़ी का था आरोपी
जानकारी के अनुसार, फरार हुए बंदी की पहचान हैदर अली के रूप में की गई है। वह मूल रूप से ओडिशा के बालासोर का रहने वाला है। हैदर अली पर बलात्कार (Rape) और धोखाधड़ी (Cheating) जैसे गंभीर धाराओं के तहत मामले दर्ज थे और वह न्यायिक हिरासत के तहत जेल में बंद था। जेल में रहने के दौरान हैदर अली की तबीयत अचानक खराब हो गई थी। जेल प्रशासन ने प्राथमिक उपचार के लिए उसे पहले जेल के ही अस्पताल में भर्ती कराया।
सुबह की चेकिंग में खुला सुरक्षा का राज
शुक्रवार की सुबह जब अस्पताल में कैदियों की नियमित जांच और शिफ्ट बदलने की प्रक्रिया शुरू हुई, तब सुरक्षाकर्मियों को पता चला कि हैदर अली अपने बेड पर नहीं है। वह वार्ड से गायब हो चुका था। कस्टडी से कैदी के लापता होने की खबर मिलते ही तैनात पुलिसकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। उन्होंने तुरंत अस्पताल परिसर के कोने-कोने में उसकी तलाश की, लेकिन शातिर अपराधी का कहीं कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को इस बड़ी सुरक्षा चूक (Security Lapse) की सूचना दी गई।
लापरवाह पुलिसकर्मियों पर दर्ज हुआ केस
इस गंभीर लापरवाही को लेकर जेल प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी की तहरीर पर लखनऊ की चौक कोतवाली में कैदी की सुरक्षा में तैनात हेड कॉन्स्टेबल दिनेश कुमार और बंदी रक्षक धर्मेंद्र सिंह के खिलाफ ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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अंदरूनी मदद की भी हो रही है जांच
पुलिस प्रशासन अब इस बात की भी गहराई से तफ्तीश कर रहा है कि कड़ी सुरक्षा के बावजूद हैदर अली अस्पताल के वार्ड से बाहर निकलने में कैसे कामयाब रहा। पुलिस को अंदेशा है कि कहीं इस फरारी के पीछे उसे अस्पताल के अंदर से या किसी बाहरी नेटवर्क से कोई गुप्त मदद तो नहीं मिली थी।





