
BCCI का बड़ा एक्शन! उम्र में फर्जीवाड़े पर 64 खिलाड़ियों पर कार्रवाई…
BCCI Age Fraud Action: उम्र में गड़बड़ी के खिलाफ BCCI की सख्ती, रोहित यादव पर दो साल का बैन; 2022 U-19 वर्ल्ड कप विजेता रवि कुमार समेत कई खिलाड़ी जांच के घेरे में...
Cricket: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने उम्र संबंधी फर्जीवाड़े के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। खिलाड़ियों के दस्तावेजों की जांच के दौरान जन्मतिथि में गड़बड़ी सामने आने के बाद कई क्रिकेटरों पर कार्रवाई की गई है। इस मामले में 2022 अंडर-19 वर्ल्ड कप विजेता भारतीय टीम के सदस्य रवि कुमार का नाम भी सामने आया है। वहीं, भारतीय अंडर-19 टीम में चुने गए बंगाल के लेग स्पिनर रोहित यादव पर BCCI ने दो साल का प्रतिबंध लगाया है।
खिलाड़ियों के दस्तावेजों की जांच से खुला मामला
उम्र में फर्जीवाड़े का यह मामला क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) की ओर से चलाए गए प्री-सीजन डॉक्यूमेंटेशन ड्राइव के दौरान सामने आया। इस अभियान के तहत खिलाड़ियों के जन्म प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच की गई।
जांच के दौरान कई खिलाड़ियों के रिकॉर्ड में जन्मतिथि को लेकर विसंगतियां पाई गईं। इसके बाद CAB ने संबंधित खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई की। रिपोर्ट के अनुसार, 62 खिलाड़ियों को आगामी दो घरेलू सत्रों के लिए रजिस्ट्रेशन या ट्रांसफर के लिहाज से अयोग्य घोषित किया गया है।
रवि कुमार का नाम भी आया सामने
इस कार्रवाई में सबसे चर्चित नामों में से एक रवि कुमार का है। रवि कुमार 2022 में अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे थे।
रवि कुमार ने उस टूर्नामेंट में भारतीय टीम के लिए शानदार गेंदबाजी की थी। ऐसे में उम्र संबंधी दस्तावेजों में विसंगति के मामले में उनका नाम सामने आना क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गया है।
रोहित यादव पर BCCI ने लगाया 2 साल का बैन
इस मामले में बंगाल के लेग स्पिनर रोहित यादव पर BCCI ने दो साल का प्रतिबंध लगाया है। रोहित को ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ होने वाली आगामी सीरीज के लिए भारतीय अंडर-19 टीम में चुना गया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, रोहित यादव के अलग-अलग दस्तावेजों में जन्म वर्ष को लेकर अंतर पाया गया। दस्तावेजों की जांच के बाद CAB ने मामले को BCCI के सामने रखा, जिसके बाद बोर्ड ने प्रतिबंध की कार्रवाई की।
उम्र में फर्जीवाड़ा क्यों है गंभीर मामला?
जूनियर क्रिकेट में खिलाड़ियों की उम्र बेहद महत्वपूर्ण होती है। अंडर-19 जैसी प्रतियोगिताओं में उम्र की निर्धारित सीमा होती है। अगर कोई खिलाड़ी गलत जन्मतिथि या फर्जी दस्तावेज के जरिए आयु वर्ग की प्रतियोगिता में हिस्सा लेता है, तो उसे दूसरे खिलाड़ियों के मुकाबले अनुचित फायदा मिल सकता है।
यही वजह है कि BCCI उम्र संबंधी फर्जीवाड़े को लेकर सख्त नीति अपनाता है। दस्तावेजों में हेरफेर सामने आने पर खिलाड़ी के खिलाफ प्रतिबंध जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
64 खिलाड़ियों पर कार्रवाई की बात क्यों?
इस पूरे मामले में 64 खिलाड़ियों पर कार्रवाई की बात चर्चा में है, लेकिन कार्रवाई के स्वरूप को समझना जरूरी है। CAB की जांच के बाद 62 खिलाड़ियों को आगामी घरेलू सत्रों के लिए अयोग्य घोषित किया गया है, जबकि रोहित यादव पर BCCI ने अलग से दो साल का प्रतिबंध लगाया है।
इस तरह उम्र संबंधी गड़बड़ी के खिलाफ की गई कार्रवाई ने भारतीय क्रिकेट में दस्तावेजों की जांच और खिलाड़ियों की वास्तविक उम्र को लेकर बहस तेज कर दी है।
मुख्य बातें
- BCCI ने उम्र में धोखाधड़ी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की।
- रोहित यादव पर 2 साल का बैन लगाया गया।
- CAB ने 62 खिलाड़ियों को अयोग्य घोषित किया।
- 2022 U-19 वर्ल्ड कप विजेता रवि कुमार का नाम भी सामने आया।
- खिलाड़ियों के जन्म प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेजों में गड़बड़ी की जांच हुई।
- जूनियर क्रिकेट में Age Fraud रोकने के लिए दस्तावेज सत्यापन पर जोर दिया जा रहा है।
BCCI ने दिया सख्त संदेश
BCCI की इस कार्रवाई से साफ है कि बोर्ड उम्र संबंधी फर्जीवाड़े को लेकर कोई नरमी बरतने के मूड में नहीं है। खासकर जूनियर क्रिकेट में खिलाड़ियों की उम्र और दस्तावेजों का सत्यापन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब देखना होगा कि इस जांच के बाद सामने आने वाले अन्य मामलों में BCCI और राज्य क्रिकेट संघ किस तरह की कार्रवाई करते हैं।





