Mid-Day Meal व्यवस्था में बड़ा बदलाव, अब केंद्रीय रसोई से पहुंचेगा भोजन…

Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने तीन दिवसीय गोरखपुर दौरे के दौरान शहर को एक बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने चिलुआताल थाना क्षेत्र के सामने स्थापित अक्षय पात्र फाउंडेशन के अत्याधुनिक केंद्रीयकृत रसोईघर का उद्घाटन किया।

करीब तीन एकड़ क्षेत्र में फैला यह आधुनिक मेगा किचन प्रतिदिन एक लाख बच्चों के लिए भोजन तैयार करने की क्षमता रखता है। इसके शुरू होने के साथ ही गोरखपुर में मिड-डे मील व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

एक लाख बच्चों के लिए प्रतिदिन तैयार होगा भोजन
अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा संचालित यह रसोईघर आधुनिक मशीनों और उन्नत तकनीकों से लैस है। यहां स्कूलों में दर्ज छात्रों की संख्या और उनकी उपस्थिति के आधार पर प्रतिदिन ताजा और गर्म भोजन तैयार किया जाएगा।

तैयार भोजन को निर्धारित समय के भीतर विभिन्न विद्यालयों तक पहुंचाने के लिए विशेष परिवहन व्यवस्था भी विकसित की गई है, जिससे बच्चों को समय पर भोजन उपलब्ध कराया जा सके।

11 ब्लॉकों के स्कूलों को मिलेगा लाभ
नई व्यवस्था के तहत इस केंद्रीयकृत किचन से गोरखपुर शहर और आसपास के 11 ब्लॉकों के सरकारी विद्यालयों में मिड-डे मील भेजा जाएगा।

इससे हजारों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, स्वच्छ और पोषण मानकों के अनुरूप भोजन उपलब्ध होगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि बेहतर पोषण से विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और पढ़ाई दोनों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर विशेष ध्यान
अक्षय पात्र किचन में भोजन तैयार करने की प्रक्रिया पूरी तरह वैज्ञानिक और मानकीकृत होगी। खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के सभी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि केंद्रीकृत व्यवस्था के कारण भोजन की गुणवत्ता की निगरानी पहले की तुलना में अधिक प्रभावी तरीके से की जा सकेगी।

स्कूलों में नहीं बनेगा भोजन
नई व्यवस्था लागू होने के बाद विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों को भोजन तैयार करने की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया जाएगा। अब भोजन सीधे केंद्रीय रसोईघर में तैयार होकर स्कूलों तक पहुंचेगा।

इससे विद्यालयों में भोजन तैयार करने में लगने वाला समय बचेगा और शिक्षकों तथा कर्मचारियों को शैक्षणिक गतिविधियों पर अधिक ध्यान देने का अवसर मिलेगा।

200 लोगों को मिलेगा रोजगार
अक्षय पात्र के इस मेगा किचन में करीब 200 कर्मचारियों के काम करने की व्यवस्था की गई है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

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पोषण और शिक्षा को मिलेगा नया बल
विशेषज्ञों के अनुसार, मिड-डे मील योजना का उद्देश्य केवल बच्चों को भोजन उपलब्ध कराना नहीं बल्कि उनके पोषण स्तर में सुधार करना और विद्यालयों में उपस्थिति बढ़ाना भी है।

अक्षय पात्र जैसी आधुनिक व्यवस्था से बच्चों को बेहतर गुणवत्ता का भोजन मिलेगा, जिससे उनके शारीरिक और मानसिक विकास में मदद मिलेगी।

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मुख्यमंत्री ने बताया महत्वपूर्ण पहल
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य और शिक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना न केवल बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाएगी, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में आधुनिक और प्रभावी व्यवस्थाओं को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है।

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