मलीहाबाद मैंगो पैक हाउस का हुआ कायाकल्प, निर्यात को मिलेगी रफ्तार

Lucknow News: मलीहाबाद में मैंगो पैक हाउस के सफल कायाकल्प और संचालन पर DDA, APEDA और PPQ के अधिकारियों ने टीम को बधाई दी। अब स्थानीय आम उत्पादकों और निर्यातकों को मिलेगा विश्व स्तरीय मंच।

Lucknow News: उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध आम क्षेत्र मलीहाबाद के आम उत्पादकों और निर्यातकों के लिए एक बड़ी और सकारात्मक खबर है। मलीहाबाद स्थित मैंगो पैक हाउस (Mango Pack House) का अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक जीर्णोद्धार (Renovation) और संचालन शुरू कर दिया गया है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर कृषि और संबंधित विभागों के शीर्ष अधिकारियों ने पूरी टीम को बधाई दी है।

विश्व स्तरीय सुविधाओं को सराहा

पैक हाउस के नए स्वरूप और कार्यप्रणाली का जायजा लेने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम ने केंद्र का दौरा किया। इस दौरे में श्री राम मिश्रा (DDA, मंडी), श्री सुभाष सिंह (मंडी सचिव), पीपीक्यू (PPQ – Plant Protection and Quarantine) के प्रतिनिधि और अपेडा (APEDA) की ओर से श्री आलोक मिश्रा शामिल थे।

“मलीहाबाद में इस स्तर की विश्व स्तरीय सुविधा (World-class facility) स्थापित करना बेहद सराहनीय है। पूरी टीम ने जिस उत्साह और समर्पण के साथ इस काम को पूरा किया है, वह वास्तव में गर्व की बात है।” -संयुक्त समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारी

80 मीट्रिक टन मलिहाबादी आमों की प्रोसेसिंग

अब तक, आम पैक हाउस ने संचालन के मात्र 10 दिनों के भीतर लगभग 80 मीट्रिक टन मलिहाबादी दशहरी आमों का सफलतापूर्वक प्रसंस्करण (processing) किया है। यह प्रसंस्करण नेपाल सरकार द्वारा अनिवार्य की गई निर्यात आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किया जा रहा है।

संचालन की वर्तमान गति और बाजार की मांग को देखते हुए, इस सीजन के दौरान इस सुविधा के माध्यम से लखनऊ से आम का निर्यात 200 मीट्रिक टन से अधिक होने की उम्मीद है। इसके अलावा, लंदन और ओमान भेजे जाने वाले निर्यात खेपों (consignments) के लिए प्रसंस्करण के ऑर्डर पहले ही सुरक्षित किए जा चुके हैं।

आम उत्पादकों और निर्यातकों को कैसे मिलेगा फायदा?

मलीहाबाद को दुनिया भर में अपने बेहतरीन दशहरी, चौसा और लंगड़ा आम के लिए जाना जाता है। इस आधुनिक पैक हाउस के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर निम्नलिखित बड़े फायदे होंगे:

  • अंतरराष्ट्रीय स्तर की पैकेजिंग: आधुनिक तकनीकों से लैस होने के कारण अब आमों की शेल्फ-लाइफ (खराब न होने की अवधि) बढ़ेगी।

  • निर्यात में आसानी: वैश्विक मानकों (International Standards) को पूरा करने की वजह से यूरोपीय और खाड़ी देशों (Gulf Countries) में आम भेजना आसान होगा।

  • किसानों को बेहतर दाम: बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी और मलीहाबाद के आम उत्पादकों को सीधे वैश्विक बाजार का एक्सेस मिलेगा।

इस शानदार पहल से न केवल मलीहाबाद की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि वैश्विक मंच पर ‘मलीहाबादी आम’ की धमक और ज्यादा बढ़ेगी।

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