लखनऊ में RTO की बड़ी कार्रवाई, जयपुरिया और GD गोयनका स्कूल की बसों की जांच

Lucknow News: उत्तर प्रदेश के परिवहन आयुक्त के निर्देशों के अनुपालन में 16 सितंबर 2026 को जनपद लखनऊ में ‘मिशन सेफ फ्यूचर 3.0’ (Mission Safe Future 3.0) के तहत स्कूली वाहनों की सुरक्षा जांच का विशेष अभियान चलाया गया। उप परिवहन आयुक्त (परिक्षेत्र) राधेश्याम के नेतृत्व में परिवहन अधिकारियों की टीम ने शहर के दो प्रमुख विद्यालयों सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल और जीडी गोयनका स्कूल का औचक निरीक्षण किया

इस दौरान स्कूली बच्चों, विशेषकर छात्राओं की सुरक्षा मानकों, बस चालकों, महिला परिचारकों की तैनाती और वाहनों के फिटनेस प्रपत्रों की बारीकी से जांच की गई

निरीक्षण के दौरान सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल के वाहन इंचार्ज ने बताया कि स्कूल के स्वामित्व में 22 बसें हैं और 6 बसें कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर संचालित हो रही हैं। अधिकारियों की जांच में पाया गया कि जिन बसों में छात्राएं सफर करती हैं, उनमें अनिवार्य रूप से महिला परिचारकों (Female Attendants) को तैनात किया गया है

स्कूल प्रबंधन द्वारा 33 महिला परिचारिकाओं की आधिकारिक सूची भी सौंपी गई। महिला परिचारकों ने बताया कि वे सुबह बस के साथ ही निकलती हैं, बच्चों को चढ़ाने-उतारने में मदद करती हैं और अंतिम दूरी (Last Distance) तक छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए अभिभावकों को सौंपकर ही आगे बढ़ती हैं

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अभियान के तहत जीडी गोयनका स्कूल की 34 बसों का गहन निरीक्षण किया गया। इस दौरान कुछ बसों के टैक्स और इंश्योरेंस (बीमा) समाप्त पाए जाने पर अधिकारियों ने सख्त नाराजगी जताते हुए चालान किया और तत्काल सभी प्रपत्र दुरुस्त कराने के कड़े निर्देश दिए

जांच के दौरान वाहन संख्या UP25CT-0445 का इमरजेंसी गेट (Emergency Gate) खुलने में काफी कड़ा (Hard) पाया गया और पैनिक बटन (Panic Button) काम नहीं कर रहा था। आरटीओ टीम ने स्कूल प्रबंधन को इन सभी तकनीकी खामियों को अविलंब सुधारने के सख्त निर्देश जारी किए

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स्कूलों में बसों की जांच के उपरांत उप परिवहन आयुक्त राधेश्याम ने संभागीय/उप संभागीय परिवहन कार्यालय (RTO Office) लखनऊ का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में सभी काउंटरों पर तैनात कर्मचारी स्वयं कार्य करते मिले। सारथी भवन के मुख्य द्वार पर अभ्यर्थियों का नाम रजिस्टर में दर्ज कर बायोमेट्रिक और स्क्रूटनी के बाद उसी दिन एडीटीसी सेंटर (ADTC Centre) बंथरा में टेस्ट के लिए भेजा जा रहा था

प्रवर्तन अनुभाग और कैश सेक्शन के निरीक्षण में चालान रसीदें, अवमुक्त वाहनों का रिकॉर्ड और कैश बुक का मिलान पूरी तरह सही और पारदर्शी पाया गया

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