Covid 19: भारत में कोरोना के नए वैरिएंट की एंट्री, सिंगापुर में मचाई तबाही..

Coronavirus cases: स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, केपी1 और केपी2 भी कोरोना के जेएन1 वैरिएंट के उप-वैरिएंट हैं। देश में कोरोना संक्रमण की फिर से वापसी हो गई है। अब तक देश भर में 324 नए मामले सामने आ चुके हैं।

सिंगापुर में कोरोना की नई लहर दुनियाभर के देशो के लिए चिंता का विषय हैं। अब पता चला है कि सिंगापुर में कोरोना के जिस वैरिएंट ने तबाही मचाई हुई है, उसके मामले भारत में भी मिले हैं। भारत में अब तक कोरोना वायरस के 324 नए मामले सामने आए हैं। नए वैरिएंट KP.1 के 34 और KP.2 के 290 केस दर्ज किए गए हैं। ये वही वैरिएंट है, जिसने सिंगापुर में तबाही मचाई हुई है। हालांकि अभी तक भारत में किसी मरीज के अस्पताल में भर्ती होने की कोई खबर सामने नहीं आई है। नए वैरिएंट के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। नए वैरिएंट KP.1 के 34 और KP.2 के 290 मामले सामने आए हैं। इन दोनों वैरिएंट से सिंगापुर कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है।

कोरोना के नए वैरिएंट केपी.1और केपी.2 की भारत में एंट्री

भारत में कोरोना के मामलों पर निगरानी रखने वाले इंडियन सार्स कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (INSACOG) के डाटा से इस बात का खुलासा हुआ है।  डाटा के मुताबिक, भारत में केपी.1 के कुल 34 मामले दर्ज किए गए हैं। जिनमें 23 मामले पश्चिम बंगाल में दर्ज किए गए हैं। वहीं केपी.1 का एक मामला गोवा, दो मामले गुजरात, चार मामले महाराष्ट्र, दो मामले राजस्थान और एक मामला उत्तराखंड में दर्ज किया गया है।

वहीं केपी.2 वैरिएंट के कुल 290 मामले दर्ज किए गए हैं। केपी.2 के 148 मामले महाराष्ट्र दर्ज किए गए हैं। अन्य राज्यों के मुकबाले महाराष्ट्र में सबसे मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं दिल्ली में एक, गोवा में 12, गुजरात गुजरात में 23, हरियाणा में 3, कर्नाटक में 4, मध्य प्रदेश में एक, ओडिशा में 17, राजस्थान में 21, उत्तर प्रदेश में 8, उत्तराखंड में 16 और पश्चिम बंगाल 36 मामले सामने आए हैं।

सिंगापुर में कोरोना का कोहराम

सिंगापुर के स्वास्थ्य मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक, देश में 5 मई से 11 मई के बीच कोरोना मामलों की संख्या 25,900 पहुंच गई। यह यह नया वैरिएंट तेजी से फैल रहा है। सिंगापुर में लोगों को मास्क लगाने की सलाह दी गई है। तबियत खराब होने पर फौरन डॉक्टर से संपर्क करने के लिए कहा गया है। बेहद जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, केपी1 और केपी2 भी कोरोना के जेएन1 वैरिएंट के उप-वैरिएंट हैं। हालांकि इस वैरिएंट से संक्रमित मरीजों में अभी बीमारी के गंभीर लक्षण नहीं दिखे हैं और अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या भी कम है। ऐसे में घबराने वाली बात नहीं है। स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि इन वैरिएंट में म्युटेशन की प्रक्रिया होती रहेगी और यह कोरोना वायरस की प्रकृति भी है। 

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