
नवरात्रि 2025: प्रधानमंत्री मोदी ने मां स्कंदमाता की उपासना पर साझा की भावपूर्ण पोस्ट
PM Modi Post on Navratri: नवरात्रि के पांचवें दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने माता स्कंदमाता की विशेष उपासना का उल्लेख करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक संदेश साझा किया। उन्होंने माता से सभी भक्तों के सुख, समृद्धि और सौभाग्य की कामना की।
पीएम मोदी ने अपनी पोस्ट में लिखा – “नवरात्रि में आज माता के पांचवें स्वरूप देवी स्कंदमाता की विशेष उपासना होती है। उनसे करबद्ध प्रार्थना है कि वे अपने सभी भक्तों को सुख-समृद्धि और सौभाग्य का आशीर्वाद दें। उनके ममतामयी स्नेह से हर किसी के जीवन में नई ऊर्जा और उमंग का संचार हो।”
नवरात्रि में आज देवी मां से करबद्ध प्रार्थना है कि वे अपने सभी भक्तों को सुख-समृद्धि और सौभाग्य का आशीर्वाद दें। उनके ममतामयी स्नेह से हर किसी के जीवन में नई ऊर्जा और उमंग का संचार हो।https://t.co/BQKCXNN9rg
— Narendra Modi (@narendramodi) September 26, 2025
पहले भी साझा किए भक्ति संदेश
प्रधानमंत्री नवरात्रि के पहले दिन से ही माता के अलग-अलग स्वरूपों का उल्लेख कर रहे हैं।
- चौथे दिन, उन्होंने मां कूष्मांडा की उपासना पर पोस्ट साझा की थी और साथ ही दक्षिण भारत की प्रसिद्ध गायिका पी. सुशीला का गाया भजन ‘जय जय देवी दुर्गा देवी’ भी साझा किया था।
- इस सिलसिले में हर दिन वे देवी के स्वरूपों की महिमा का उल्लेख कर रहे हैं।
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स्कंदमाता का महत्व
नवरात्रि के पांचवें दिन पूजित माता स्कंदमाता को शक्ति और समृद्धि की देवी माना जाता है।
- इन्हें भगवान स्कंद (कार्तिकेय) की माता होने के कारण यह नाम मिला।
- कमल पर विराजमान होने के कारण इन्हें पद्मासना देवी भी कहा जाता है।
- इनके चार भुजाएँ हैं, वे भक्तों को अभय मुद्रा में आशीर्वाद देती हैं और गोद में बाल स्कंद को धारण करती हैं।
- माता की पूजा से संतान सुख प्राप्त होता है, शत्रुओं का नाश होता है और जीवन में शांति, पवित्रता व सकारात्मकता आती है।
- इन्हें सूर्यमंडल की अधिष्ठात्री भी कहा गया है। शास्त्रों के अनुसार, उनकी भक्ति से व्यक्ति तेजस्वी और कांतिमय बनता है।
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धार्मिक मान्यता
स्कंदमाता की उपासना करने वाले भक्त भवसागर पार करने में समर्थ होते हैं और उनकी सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।
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