नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुस्त शुरुआत, अनुमान से 8 गुना कम पहुंचे यात्री

Noida Airport: उत्तर प्रदेश के जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से हवाई सेवा शुरू हुए ढाई महीने से अधिक का समय बीत चुका है। हालांकि, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) द्वारा जारी शुरुआती आंकड़ों ने प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी है। परिचालन शुरू होने से पहले जहां हर महीने लगभग 6 लाख यात्रियों के आवागमन का अनुमान जताया गया था, वहीं डेढ़ महीने (15 जून से 31 जुलाई) में यह आंकड़ा 1 लाख के पार भी नहीं पहुंच सका।

इस अवधि के दौरान एयरपोर्ट से कुल 97,115 यात्रियों ने ही उड़ान भरी या लैंड किया, जो शुरुआती अनुमान की तुलना में करीब 8 गुना कम है।

 कम यात्री संख्या की मुख्य वजह

एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, यात्री संख्या कम रहने का सबसे प्रमुख कारण अभी सीमित शहरों के लिए उड़ानों का संचालन होना है: वर्तमान में नोएडा एयरपोर्ट से केवल 15 घरेलू शहरों के लिए ही हवाई सेवा उपलब्ध है। एयरपोर्ट के रनवे से प्रतिदिन औसतन 32 विमान लैंड और टेकऑफ कर रहे हैं।

भी सिर्फ घरेलू टर्मिनल ही चालू हुआ है। इंटरनेशनल टर्मिनल का निर्माण कार्य नवंबर तक पूरा होने की उम्मीद है, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने पर यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है।

कार्गो सेवा पर भी लगा ब्रेक

यात्री उड़ानों के साथ-साथ एयरपोर्ट से माल ढुलाई (कार्गो सेवा) की शुरुआत भी सुस्त पड़ी हुई है।

17 जून को चेन्नई से आई पहली कार्गो फ्लाइट के बाद से एयरपोर्ट से दूसरी कोई कार्गो उड़ान संचालित नहीं हो पाई है। हालांकि, कार्गो बनाने वाली एजेंसी ने हाल ही में पशुओं के परिवहन को लेकर दो कंपनियों के साथ करार किया था, लेकिन व्यावसायिक तौर पर अभी कार्गो उड़ानों का नियमित संचालन शुरू नहीं हो सका है।

आने वाले समय में सुधार की उम्मीद

एयरपोर्ट प्रबंधन का मानना है कि जैसे-जैसे नए एयरलाइंस और नए शहरों के लिए रूट्स जोड़े जाएंगे, यात्रियों की संख्या में इजाफा होगा। आगामी त्योहारों के सीजन और नवंबर में इंटरनेशनल फ्लाइट्स शुरू होने के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फुटफॉल में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।

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