अब मेरा कोई दोस्त नहीं…’ पीएम मोदी ने दिया दिलचस्प सवालों के जबाब

PM Modi News : पीएम मोदी ने 2025 में अपने पहले पॉडकास्ट इंटरव्यू में बचपन से सीएम बनने तक के सफर के निजी अनुभव साझा किए। उन्होंने मुसीबत से मोहब्बत करने की बात कही।

PM Modi News : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक पॉडकास्ट में अपने बचपन और की बातें शेयर की हैं। उनका कहना है कि अब उनका कोई दोस्त नहीं है, ऐसा भी कोई नहीं है जो उन्हें ‘तू’ कहकर बुलाए. पीएम मोदी ने कहा कि मैं बचपन से जो जिंदगी गुजार कर आया हूं, वो जिंदगी बहुत कुछ सिखाती हैं। पीएम ने कहा कि उन्होंने मुसीबत को मोहब्बत करना सीख लिया है। राजनीति में संवेदनशीलता की आवश्यकता पर भी चर्चा की।

मेरा कोई दोस्त नहीं बचाः पीएम मोदी

पीएम ने कहा कि उनका बचपन के दोस्तों के साथ कोई संपर्क नहीं रह पाया। उन्होंने कहा कि मुझे बचपन में ही अपना घर छोड़ना पड़ा था, जिसके चलते मैं अपने स्कूली दोस्तों से संपर्क नहीं रख सका। पीएम ने कहा कि जब मैं पहली बार सीएम बना तो मेरे मन में आया कि क्यों न अपने स्कूली दोस्तों को बुलाया जाए। 

उन्होंने कहा कि मैंने ऐसा ही किया और 35 दोस्त आए भी, लेकिन उनमें दोस्ती नहीं दिखी। पीएम ने कहा कि मुझे मजा नहीं आया, क्योंकि मैं उनमें अपना दोस्त खोज रहा था, लेकिन वो मुझे मुख्यमंत्री के तौर पर ही देख रहे थे। पीएम ने कहा कि ये खाई आगे भी नहीं पटी और मुझे कोई भी तू कहने वाला नहीं था। 

सोशल मीडिया पर क्या बोले पीएम

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया से पहले और सोशल मीडिया के मजबूत होने के बाद के दौर पर भी अपनी बात रखी। पीएम मोदी ने कहा कि कभी-कभी लोग मुझसे कहते हैं कि आप खुद को टीवी पर देखते हैं कि कैसा लगता है। इतनी सारी गालियां पड़ती है तो कैसा लगता है। इस पर पीएम मोदी ने एक चुटकुले का जिक्र किया। पीएम मोदी ने अहमदाबादी का जिक्र करते हुए कहा कि स्कूटर वाला वाकया सुनाया। गालियों को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि उनके पास जो हैं वो दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि आप सत्य के धरातल पर होने चाहिए।

पीएम मोदी ने कहा कि मैं सपनों के लिए खप जाता हूं। इसका उद्देश्य होता है कि उससे कुछ निकले। पीएम मोदी ने कहा कि मैं अपने लिए कुछ नहीं करूंगा। उन्होंने कहा कि मैं एक विचार से पला बढ़ा हूं। इसे बहुत कम शब्दों में कहूं तो वो हैं नेशन फर्स्ट। अगर ये मेरी टैगलाइन है तो इसमें जो भी कोई फिट बैठता है तो मैं विचारधार में नहीं बंधता हूं। मैं नई चीजें स्वीकार करने के लिए तैयार करता हूं।

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