पाकिस्तान के मंसूबों पर फिरा पानी… गाज़ा में प्रवेश पर इजरायल की असहमति

International Stabilization Force: इजरायल ने साफ कर दिया है कि वह पाकिस्तानी सेना को गाजा में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल (International Stabilization Force) में शामिल होने के लिए स्वीकार नहीं करेगा। यह स्थिति अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित सीजफायर शर्तों और गाजा में शांति स्थापना प्रयासों के तहत सामने आई है।

इजरायल का रुख और राजदूत का बयान
भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने मीडिया को दिए इंटरव्यू में कहा कि इजरायल केवल उन्हीं देशों के साथ सहयोग करेगा जिन पर भरोसा है और जिनके साथ मजबूत राजनयिक संबंध हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से संकेत दिया कि पाकिस्तान पर ऐसा भरोसा नहीं है।

उन्होंने कहा:

“कोई भी स्थिरीकरण बल तब तक सफल नहीं हो सकता जब तक हमास के सशस्त्र समूह को नष्ट नहीं किया जाता। कई देश हमास से लड़ने के इच्छुक नहीं हैं और ऐसे बल का तैनात होना निरर्थक है।”

पाकिस्तान और हमास के संबंधों पर नजर
राजदूत अजार ने पाकिस्तान में हमास कमांडर नाजी जहीर और लश्कर-ए-तैयबा के लिंक पर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि हमास ने 7 अक्टूबर के हमले के बाद अपने अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क का विस्तार किया है।

  • पाकिस्तान में हमास कमांडर ने कई बार दौरे किए हैं।
  • उनकी लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के साथ मीटिंग हुई है।

राजदूत ने इसे “बेहद चिंताजनक” बताया और कहा कि यह वैश्विक जिहादी नेटवर्क के बढ़ते समन्वय का संकेत है।

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ईरान में विरोध प्रदर्शन पर राय
अजार ने ईरान में जारी शासन-विरोधी प्रदर्शनों पर भी टिप्पणी की। उनका कहना था कि यह आंदोलन दर्शाता है कि ईरानी लोग “स्वतंत्रता के लिए तरस रहे हैं।” उन्होंने कहा कि वर्तमान आंदोलन 2009 के हरित आंदोलन के पैमाने तक नहीं है, लेकिन यह गंभीर और सार्थक है।

उन्होंने ईरान में बदलाव की उम्मीद जताई और कहा कि अगर सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की सरकार बदलती है, तो यह पूरे क्षेत्र के लिए राहत होगी।

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भारत और इजरायल संबंध
रूवेन अजार ने संकेत दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही इजरायल का दौरा कर सकते हैं।

  • यह दौरा 7 अक्टूबर 2023 के आतंकी हमलों के बाद पीएम मोदी का पहला इजरायल दौरा होगा।
  • दौरे का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंध मजबूत करना और क्षेत्रीय सुरक्षा मामलों पर चर्चा करना होगा।

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विशेष टिप्पणी

  • इजरायल का पाकिस्तान पर असहमति जताना गाजा फोर्स की अंतरराष्ट्रीय संरचना में महत्वपूर्ण मोड़ है।
  • हमास और पाकिस्तान के संबंधों पर इजरायल की निगरानी क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
  • ईरान में जारी आंदोलन और इजरायल-पाकिस्तान विवाद से पूरे मध्यपूर्व और दक्षिण एशिया में सुरक्षा की चिंता बढ़ सकती है।
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