PAC बटालियन में हड़कंप, 28 वर्षीय महिला कांस्टेबल ने दी जान…

UP News: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। मसौली थाना क्षेत्र स्थित PAC बटालियन परिसर में तैनात 28 वर्षीय महिला कांस्टेबल शिल्पी यादव का शव उनके कमरे में फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग और PAC परिसर में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार महिला कांस्टेबल अपने बैरक के कमरे में अकेली रह रही थीं। काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुलने और उनकी कोई गतिविधि न दिखने पर साथी कर्मियों को शक हुआ। जब दरवाजा खोला गया तो शिल्पी यादव का शव फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय पुलिस को दी गई।

कमरे से मिला कथित सुसाइड नोट
पुलिस जांच के दौरान कमरे से एक कथित सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक नोट में मानसिक अवसाद और तनाव का जिक्र किया गया है। हालांकि पुलिस अभी इस नोट की सत्यता की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जाएगी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला कांस्टेबल पिछले कुछ समय से किन परिस्थितियों से गुजर रही थीं और क्या किसी प्रकार का व्यक्तिगत या कार्यस्थल का दबाव उन पर था।

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PAC परिसर में शोक का माहौल
घटना के बाद PAC बटालियन परिसर में शोक और स्तब्धता का माहौल है। साथी पुलिसकर्मियों ने बताया कि शिल्पी यादव सामान्य व्यवहार करती थीं और ड्यूटी भी नियमित रूप से निभा रही थीं। अचानक हुई इस घटना से सभी हैरान हैं।

वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। परिवार के सदस्यों को घटना की सूचना दे दी गई है और उनके बाराबंकी पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है।

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मानसिक तनाव को लेकर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर पुलिस विभाग में काम करने वाले जवानों के मानसिक तनाव और कार्य दबाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा बलों और पुलिसकर्मियों के बीच मानसिक तनाव, अवसाद और आत्महत्या के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक ड्यूटी, पारिवारिक दूरी, कार्य का दबाव और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता की कमी ऐसी घटनाओं की बड़ी वजह बनती जा रही है। ऐसे में पुलिसकर्मियों के लिए नियमित काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य सहायता को मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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