भारत का आत्मविश्वास अभूतपूर्व ऊंचाइयों पर है:PM MODI

हमारा विदेशी मुद्रा भंडार 700 अरब डॉलर से ज्यादा:Modi

PM MODI Bharat: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मं ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में लोगों को संबोधित करते हुए कहा तकनीक का इस्तेमाल करते हुए हमने लाभार्थियों के बैंक अकाउंट तक सीधे सरकारी मदद पहुंचाने की व्यवस्था बनाई है। इससे भ्रष्टाचार कम हुआ है, देश के नागरिक की सुविधा बढ़ी है और सरकार और नागरिक के बीच सीधा रास्ता बना है।  उन्होंने कहा दुनिया में पावर की इस भागदौड़ में भारत एक अलग मिजाज लेकर चल रहा है और इसका गवाह यह दशक भी है। 21वीं सदी का यह दशक अभूतपूर्व ग्लोबल चुनौतियां लेकर आया है। हमने महामारी देखी, फिर दुनिया के अलग-अलग देशों में युद्ध छिड़ गया। जैसे इतना ही काफी नहीं था, ट्रेड हो, क्रिटिकल मिनरल्स हो, एनर्जी सप्लाई हो, इनमें भी अड़चनें आ रही हैं। दुनिया एक संकट से बाहर निकलने का रास्ता तलाशती है, तब तक एक नया संकट आ जाता है।

कारोबार से जुड़ी सैकड़ों छोटी-मोटी समस्याओं को आसान बनाया गया है, और हम यहीं नहीं रुके हैं। भारत की सुधारों की गाड़ी तेज़ी से आगे बढ़ रही है। हमारे लिए, सुधार कोई मजबूरी नहीं हैं बल्कि सुधार हमारा संकल्प हैं। जिन चीजों ने कभी दुनिया को जोड़ा था, वही आज हथियार बन रही हैं। सप्लाई चेन हो, एनर्जी हो, मिनरल्स हो, पेमेंट हो या तकनीक, ये दबाव और दबदबे का माध्यम बन रही हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा 2014 में भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता लगभग 75 गीगावाट थी। आज यह लगभग 300 गीगावाट तक पहुंच गया है। इसका मतलब है कि हमने लगभग चार गुना क्षमता जोड़ी है। साथियों, भारत में हो रहा ये ऊर्जा परिवर्तन नए अवसर भी पैदा कर रहा है। हमने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन, ⁠आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचे के लिए गठबंधन, ⁠द बिग कैट एलायंस, वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन, ⁠भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा, आईएमईसी, ⁠मिशन लाइफ, और पर्यावरण के लिए जीवनशैली दिया है। दूसरे शब्दों में, भारत ने ऐसी पहल की है जिससे हर किसी और जीवन के हर स्वरूप को फायदा हो।

आज  हमारा विदेशी मुद्रा भंडार 700 अरब डॉलर से ज्यादा है। दोस्तों, हमारा बैंकिंग सिस्टम कई देशों के मुकाबले सबसे मजबूत स्थितियों में से एक है। इसी मजबूती का नतीजा है कि भारत की सॉवरेन रेटिंग्स को अपग्रेड किया जा रहा है। आज, भारत का आत्मविश्वास अभूतपूर्व ऊंचाइयों पर है। हम स्पष्ट नीतिगत दिशा के साथ सुधार कर रहे हैं। जीएसटी के जरिए, हमने टैक्स के जटिल जाल को एक राष्ट्रीय बाजार में बदल दिया है।

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