
राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख नेता डॉ. रामविलास वेदांती का निधन, सीएम योगी ने जताया शोक
Saint RamVilas Das Vedanti: राम मंदिर आंदोलन के अग्रणी नेता, प्रख्यात संत और पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती का सोमवार को साकेतवास (निधन) हो गया। वे 77 वर्ष के थे। उनके निधन से अयोध्या समेत देशभर के संत समाज, रामभक्तों और राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
डॉ. वेदांती मध्य प्रदेश के रीवा में एक रामकथा महोत्सव में शामिल होने गए थे। कथा के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। बीते दो दिनों से उनका इलाज चल रहा था। सोमवार सुबह उन्हें दिल्ली ले जाने के लिए एयर एंबुलेंस बुलाई गई थी, लेकिन घने कोहरे के कारण लैंडिंग नहीं हो सकी और इसी दौरान उनका निधन हो गया।
अयोध्या लाया जा रहा पार्थिव शरीर
उनके उत्तराधिकारी महंत डॉ. राघवेश दास वेदांती ने बताया कि डॉ. वेदांती का पार्थिव शरीर सोमवार देर शाम अयोध्या लाया जाएगा।
मंगलवार सुबह 10 बजे अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। अंतिम यात्रा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शामिल होने की संभावना है।
सीएम योगी ने जताया शोक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. वेदांती के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनका जाना राम मंदिर आंदोलन और संत समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि डॉ. वेदांती का संपूर्ण जीवन रामभक्ति, राष्ट्रसेवा और सांस्कृतिक चेतना को समर्पित रहा।
श्री राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख स्तंभ, पूर्व सांसद एवं श्री अयोध्या धाम स्थित वशिष्ठ आश्रम के पूज्य संत डॉ. रामविलास वेदांती जी महाराज का गोलोकगमन आध्यात्मिक जगत और सनातन संस्कृति के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि!
उनका जाना एक युग का अवसान है। धर्म, समाज व…
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) December 15, 2025
राम मंदिर आंदोलन में अहम भूमिका
डॉ. रामविलास दास वेदांती 1990 के दशक में राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल थे। वे सीएम योगी आदित्यनाथ के गुरु महंत अवैद्यनाथ, रामचंद्र दास परमहंस और अन्य संतों के साथ आंदोलन की अग्रिम पंक्ति में रहे।
6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में हुए विवादित ढांचा विध्वंस मामले में जिन प्रमुख नेताओं पर मुकदमा चला, उनमें डॉ. वेदांती भी शामिल थे। बाद में सीबीआई की विशेष अदालत ने उन्हें अन्य आरोपियों के साथ बरी कर दिया था।
राजनीतिक जीवन
डॉ. वेदांती दो बार लोकसभा सांसद रहे।
- 1996 में मछलीशहर सीट से
- 1998 में प्रतापगढ़ (उत्तर प्रदेश) से
वे भाजपा के टिकट पर निर्वाचित हुए थे। राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय योगदान के चलते उन्हें राम जन्मभूमि न्यास का कार्यकारी अध्यक्ष भी बनाया गया।
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संत, विद्वान और रामकथा प्रवक्ता
हनुमानगढ़ी के महंत और राम मंदिर उद्धारक महंत अभिराम दास के शिष्य डॉ. वेदांती संस्कृत के प्रख्यात विद्वान और देशभर में प्रसिद्ध रामकथा व्याख्याता थे।
- वे अयोध्या के नयाघाट स्थित वशिष्ठ भवन आश्रम में निवास करते थे
- दशकों तक रामलला और हनुमानगढ़ी के समक्ष रामकथा का वाचन किया
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जन्म और प्रारंभिक जीवन
डॉ. रामविलास दास वेदांती का जन्म 7 अक्टूबर 1958 को मध्य प्रदेश के रीवा जिले के गुढ़वा गांव में हुआ था। उन्होंने धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक तीनों क्षेत्रों में गहरी छाप छोड़ी।
उनके निधन को राम मंदिर आंदोलन से जुड़े संतों और नेताओं ने युगांतकारी संत का अवसान बताया है। अयोध्या में उनके अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
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