Bengal में पूर्व TMC विधायक के खिलाफ विरोध तेज, थाने के बाहर अंडे फेंककर जताया गुस्सा

West Bengal News: पश्चिम बंगाल की राजनीति में रविवार को उस समय नया विवाद खड़ा हो गया, जब पूर्व तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक रामेंदु सिन्हा राय को पुलिस कर्नाटक से गिरफ्तार कर हुगली जिले के धानियाखाली थाने लेकर पहुंची। जैसे ही पूर्व विधायक थाने पहुंचे, वहां पहले से मौजूद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए और कुछ लोगों ने उन पर अंडे भी फेंके।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें थाने के बाहर बड़ी संख्या में लोग पूर्व विधायक के खिलाफ नारेबाजी करते दिखाई दे रहे हैं। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है।

कर्नाटक से हुई गिरफ्तारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, रामेंदु सिन्हा राय को कर्नाटक के बेलगावी से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर पश्चिम बंगाल लाया गया। पुलिस का कहना है कि पूर्व विधायक के खिलाफ कई गंभीर आरोपों की जांच चल रही है, जिनमें सरकारी राहत सामग्री के कथित गबन और विरोध करने वालों को हथियार दिखाकर धमकाने के आरोप प्रमुख हैं।

जांच एजेंसियों का दावा है कि मामले से जुड़े पर्याप्त प्राथमिक साक्ष्य मिलने के बाद उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।

थाने के बाहर जमा हुई भीड़
जैसे ही पुलिस वाहन धानियाखाली थाने के बाहर पहुंचा, वहां मौजूद लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पूर्व विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उन पर भ्रष्टाचार तथा जनता के साथ विश्वासघात करने के आरोप लगाए।

कुछ प्रदर्शनकारियों ने गुस्से में अंडे भी फेंके। हालांकि पुलिस ने तत्काल स्थिति को नियंत्रित कर लिया और किसी बड़े विवाद को होने से रोक दिया।

राहत सामग्री चोरी का आरोप
रामेंदु सिन्हा राय पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी योजनाओं के तहत वितरित की जाने वाली राहत सामग्री के वितरण में अनियमितताएं कीं। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि जरूरतमंद लोगों तक पहुंचने वाली सामग्री का दुरुपयोग किया गया।

इसके अलावा यह भी आरोप है कि जब कुछ स्थानीय लोगों ने इस मुद्दे पर सवाल उठाए, तो उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की गई। मामले में हथियार दिखाकर धमकी देने की शिकायत भी दर्ज कराई गई थी।

चुनाव बाद बढ़ा राजनीतिक टकराव
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में कई पूर्व और वर्तमान TMC नेताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं। रामेंदु सिन्हा राय के खिलाफ हुआ यह विरोध भी उसी राजनीतिक माहौल का हिस्सा माना जा रहा है।

विरोधियों का आरोप है कि सत्ता परिवर्तन के बाद कई पुराने मामलों की जांच तेज हुई है और अब लोगों का गुस्सा भी खुलकर सामने आ रहा है। वहीं TMC समर्थक इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बता रहे हैं।

भाजपा और TMC आमने-सामने
घटना के बाद भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। भाजपा नेताओं ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता के आक्रोश का परिणाम बताया है, जबकि TMC नेताओं का कहना है कि विपक्ष राजनीतिक लाभ के लिए माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है।

दोनों दलों के नेताओं के बयानों से साफ है कि यह मामला आने वाले दिनों में और अधिक राजनीतिक रंग ले सकता है।

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पुलिस की नजर में संवेदनशील मामला
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। किसी भी आरोपी को कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा, वहीं जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना भी उचित नहीं होगा।

फिलहाल पूर्व विधायक से पूछताछ जारी है और पुलिस मामले से जुड़े दस्तावेजों तथा अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।

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बढ़ सकती है राजनीतिक हलचल
हुगली में हुई यह घटना केवल एक गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पश्चिम बंगाल की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और जनता के बढ़ते आक्रोश का संकेत भी मानी जा रही है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया इस मामले को और अधिक चर्चा का विषय बना सकती है।

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