Greenland खरीद पर पुतिन का तंज… Trump के सामने रखी नई कीमत

Greenland vs America: दुनिया के कूटनीतिक मंच पर ग्रीनलैंड को लेकर चल रही चर्चाओं में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नया मोड़ दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड खरीदने के प्रयास के बीच पुतिन ने यूरोप और अमेरिका दोनों के लिए सटीक और तंजपूर्ण संदेश दिया।

ग्रीनलैंड की कीमत मात्र 23 अरब रुपये
पुतिन ने रूसी सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा कि ग्रीनलैंड की वास्तविक कीमत 200-250 मिलियन डॉलर (लगभग 23 अरब रुपये) के बीच होती है। उन्होंने कहा कि यह रकम अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश के लिए बिल्कुल सामान्य है। पुतिन ने यह भी कहा कि रूस का इस विवाद में कोई लेना-देना नहीं है और यह मुद्दा डेनमार्क और अमेरिका को आपस में सुलझाना चाहिए।

इतिहास का हवाला: अलास्का और वर्जिन आइलैंड
पुतिन ने ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए बताया कि 1867 में रूस ने अलास्का को अमेरिका को 7.2 मिलियन डॉलर में बेचा था। महंगाई के हिसाब से आज इसकी कीमत लगभग 158 मिलियन डॉलर होगी। पुतिन ने कहा कि ग्रीनलैंड का क्षेत्रफल अलास्का से थोड़ा बड़ा है, इसलिए इसकी कीमत लगभग 200-250 मिलियन डॉलर होगी।

उन्होंने 1917 में डेनमार्क द्वारा वर्जिन आइलैंड्स अमेरिका को बेचने का भी उदाहरण दिया। पुतिन ने कहा कि डेनमार्क ने हमेशा ग्रीनलैंड के साथ कॉलोनी जैसा व्यवहार किया और इसे लेकर काफी सख्ती बरती।

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पुतिन का तंज और यूरोप के लिए संदेश
पुतिन ने यूरोप के जख्मों पर नमक रगड़ते हुए कहा कि ग्रीनलैंड की कीमत इतनी मामूली है कि अमेरिका इसे आसानी से खरीद सकता है। उनके अनुसार, यह विवाद किसी भी राष्ट्र की संप्रभुता को चुनौती देने वाला नहीं है, बल्कि यह सौदेबाजी और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से सामान्य मामला है।

विश्लेषकों का कहना है कि पुतिन का यह बयान यूरोप और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव और यूक्रेन युद्ध के दौरान यूरोप की भूमिका पर भी तंज है। उन्होंने इस मामले में खुद को निष्क्रिय दर्शाते हुए दोनों पक्षों को आपस में सुलझाने की सलाह दी।

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अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति पर प्रभाव
ग्रीनलैंड की कीमत का यह खुलासा न केवल ट्रंप के खरीद प्रयास को संदर्भित करता है, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में रूस के रणनीतिक दृष्टिकोण को भी दर्शाता है। पुतिन ने साबित कर दिया कि वह विस्तारवादी यूरोप और अमेरिका के बीच कूटनीतिक झगड़ों को इत्मीनान से देख रहे हैं और उनकी टिप्पणी यूरोप और अमेरिका दोनों के लिए संदेशभरी चेतावनी है।

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