
नवरात्र पर सनातन ध्वजवाहिका सपना गोयल ने 501 कन्याओं का किया पूजन
Lucknow News: सनातन ध्वजवाहिका सपना गोयल की अगुआई में शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर महानवमी के दिन सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में एक भव्य और दिव्य आध्यात्मिक सत्संग तथा वृहद कन्या पूजन अनुष्ठान का आयोजन किया गया।
इस धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन के दौरान 501 से अधिक कन्याओं का विधि-विधान से पूजन किया गया और उनमें आध्यात्मिक जागृति लाने के उद्देश्य से पुस्तकें, वस्त्र, स्टेशनरी एवं अन्य उपयोगी सामग्री भेंट की गई।
दो चरणों में संपन्न हुआ अनुष्ठान
यह पूरा अनुष्ठान दो मुख्य चरणों में संपन्न हुआ। पहले चरण के तहत देवा रोड स्थित प्रतिष्ठा श्री परमानंद हरि हर मंदिर में दोपहर के समय हवन, पूजन और कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसका समापन एक भव्य भंडारे के साथ हुआ।
इसके बाद दूसरे चरण में चिनहट वी-मार्ट के पास स्थित रजत डिग्री कॉलेज के सामने पावन सनातन धाम लॉन में मुख्य सत्संग और वृहद कन्यापूजन का आयोजन किया गया। इस दौरान पीली सनातनी साड़ियों में सजी सैकड़ों मातृशक्तियों ने जगत जननी आदि शक्ति मां के जयकारों से पूरे वातावरण को गुंजायमान कर दिया।
“कर्तव्य पालन ही सबसे बड़ा धर्म”- सपना गोयल
इस अवसर पर अपने आशीर्वचन में सनातन ध्वजवाहिका सपना गोयल ने आध्यात्मिक सत्य का उद्घाटन करते हुए कहा कि नवरात्र केवल व्रत, फलाहार, कीर्तन या डांडिया तक सीमित नहीं है। यह वे नौ दिन हैं जब व्यक्ति अपनी दैनिक जिम्मेदारियों का निर्वाह करते हुए अपनी आंतरिक चेतना को जागृत करता है।
उन्होंने कहा, “अमूमन लोग नवरात्र में अपने दैनिक कर्तव्यों से विमुख हो जाते हैं, जो कि उचित नहीं है। कर्तव्यों का पालन ही हमारा असली धर्म है। आंख का धर्म देखना है और नाक का श्वास लेना है, इसलिए सच्चा सनातनी वही है जो अपने दैनिक कार्यों के धर्म का पूरी निष्ठा से पालन करे। आदिशक्ति मां के आशीर्वाद से जीवन के बड़े से बड़े संकट सूखे पत्तों की तरह झड़ जाते हैं। वास्तव में नवरात्र का तात्पर्य जीवन के नवप्रभात का उदय है।”
कन्याओं को बांटी गई पठन-सामग्री
इस वृहद आयोजन के दौरान पूजी गई 501 कन्याओं को स्कूल बैग भेंट किए गए। इन बैगों में कन्याओं के श्रृंगार का सामान (कंगन, माला, वस्त्र, चुनरी), टिफिन बॉक्स, वाटर बॉटल, खेलकूद की सामग्री (लूडो या बैडमिंटन रैकेट) के साथ-साथ उनकी आध्यात्मिक उन्नति के लिए हनुमान चालीसा की पुस्तिका भी विशेष रूप से शामिल की गई थी।
‘सुंदरकांड महा अभियान’ का विस्तार
परम पिता परमात्मा की असीम अनुकंपा से सपना गोयल के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सहित राष्ट्रीय स्तर पर “सुंदरकांड महा अभियान, भारत वर्ष की बने पहचान” का व्यापक संचालन किया जा रहा है। वर्तमान में यह अभियान उत्तर प्रदेश के 42 जिलों और देश के 10 राज्यों तक पहुंच चुका है। उनका एकमात्र लक्ष्य संतों और ऋषियों की पावन भूमि भारत को पुनः ‘विश्व गुरु’ के रूप में प्रतिष्ठित करना है।
इस महाअभियान के तहत उत्तराखंड के कोटद्वार स्थित सिद्धबली मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर, हरिद्वार की हर की पौड़ी, रुड़की महादेव मंदिर, चित्रकूट के रामघाट, प्रयागराज के लेटे हुए हनुमान मंदिर, अयोध्या के श्रीराम मंदिर, मथुरा के कृष्ण मंदिर और कानपुर के आनंदेश्वर महादेव मंदिर के गंगा घाट परिसरों में भव्य सुंदरकांड पाठ सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं।
इसी क्रम में आगामी 18 नवंबर से त्रिदिवसीय ऋषिकेश तीर्थयात्रा आरंभ होगी, तथा 20 दिसंबर को लखनऊ में 11 हजार महिलाएं सपना गोयल की अगुआई में एक साथ एक ही प्रांगण में सुंदरकांड का पाठ करेंगी।





