
तेल सप्लाई में सऊदी को झटका, भारत के टॉप-3 में पहुंचा वेनेजुएला…
Crude Oil Suppliers: वेनेज़ुएला मई 2026 में भारत को कच्चा तेल सप्लाई करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश बन गया है। उसने Saudi Arabia और United States जैसे पारंपरिक तेल आपूर्तिकर्ताओं को पीछे छोड़ दिया है।
वैश्विक तेल बाजार में जारी उथल-पुथल और सस्ते कच्चे तेल की उपलब्धता के कारण भारतीय कंपनियों ने वेनेजुएला से तेल खरीद बढ़ा दी है।
रूस अब भी नंबर-1 सप्लायर
भारत को सबसे ज्यादा कच्चा तेल सप्लाई करने वाले देशों की सूची में Russia अभी भी पहले स्थान पर बना हुआ है।
रूस से रियायती दरों पर मिलने वाले तेल के कारण भारतीय रिफाइनर कंपनियां लगातार बड़ी मात्रा में खरीदारी कर रही हैं। इसके बाद दूसरे स्थान पर इराक और तीसरे नंबर पर अब वेनेजुएला पहुंच गया है।
क्यों बढ़ी वेनेजुएला से तेल खरीद?
जानकारों के मुताबिक भारतीय कंपनियों, खासकर Reliance Industries और अन्य रिफाइनरियों ने वेनेजुएला के सस्ते और उच्च गुणवत्ता वाले कच्चे तेल की खरीद बढ़ाई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनाव के बीच कंपनियां कम लागत वाले विकल्प तलाश रही हैं। वेनेजुएला का तेल इस समय भारतीय रिफाइनरियों के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित हो रहा है।
सऊदी और अमेरिका क्यों पीछे हुए?
सऊदी अरब और अमेरिका लंबे समय से भारत के प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ता रहे हैं, लेकिन हाल के महीनों में:
- तेल कीमतों में बदलाव
- शिपिंग लागत
- वैश्विक तनाव
- डिस्काउंट पर उपलब्ध तेल
जैसे कारणों से भारतीय कंपनियों ने वैकल्पिक स्रोतों की ओर रुख किया है। इसी का फायदा वेनेजुएला को मिला।
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भारत के लिए क्यों अहम है यह बदलाव?
भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातकों में शामिल है और अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में सस्ते तेल स्रोतों तक पहुंच देश की अर्थव्यवस्था और ईंधन कीमतों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वेनेजुएला से सप्लाई इसी तरह जारी रही, तो आने वाले महीनों में वैश्विक तेल बाजार में भारत की खरीद रणनीति और भी बदल सकती है।
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वैश्विक राजनीति का भी असर
अमेरिका, रूस, मध्य पूर्व और लैटिन अमेरिकी देशों के बीच बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों का असर अब सीधे तेल व्यापार पर दिखाई दे रहा है।
भारत फिलहाल अपनी ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग देशों से तेल आयात बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहा है।
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