
गैंगस्टर रवि काना की रिहाई पर हड़कंप… जेल अधीक्षक विक्रम सिंह यादव सस्पेंड
UP News: नोएडा पुलिस के कुख्यात गैंगस्टर रवि काना की रिहाई को लेकर बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बांदा जेल के जेल अधीक्षक (जेलर) विक्रम सिंह यादव को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई डीजी जेल के निर्देश पर की गई है।
रिहाई को लेकर उठा विवाद
गैंगस्टर रवि काना की रिहाई को लेकर सवाल उठने लगे थे कि आखिर किन परिस्थितियों में और किस आधार पर उसे जेल से छोड़ा गया। मामला सामने आते ही पुलिस और जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए। इसके बाद जेल विभाग ने पूरे प्रकरण की जांच शुरू की।
डीजी जेल का सख्त रुख
प्रारंभिक जांच में प्रक्रियागत लापरवाही और गंभीर चूक की आशंका सामने आने के बाद डीजी जेल ने सख्त रुख अपनाते हुए जेल अधीक्षक विक्रम सिंह यादव को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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पूरे मामले की जांच जारी
जेल विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह कार्रवाई प्राथमिक जांच के आधार पर की गई है और पूरे प्रकरण की विस्तृत विभागीय जांच की जा रही है। जांच के बाद यदि अन्य अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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कानून-व्यवस्था पर असर का सवाल
नोएडा पुलिस के लिए रवि काना एक हाई-प्रोफाइल अपराधी माना जाता है। उसकी रिहाई से कानून-व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही थी। इसी वजह से राज्य सरकार और जेल प्रशासन ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है।
सख्त संदेश
इस कार्रवाई को जेल प्रशासन की ओर से एक कड़ा संदेश माना जा रहा है कि गैंगस्टर और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
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