खालिस्तानी नेटवर्क पर एक्शन की तैयारी; भारत-कनाडा में रणनीतिक बैठक…

India-Canada Relation: भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के संकेत दिखाई दे रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल फरवरी में कनाडा की यात्रा पर जा सकते हैं, जबकि कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी मार्च के पहले हफ्ते में भारत दौरे पर आएंगे। इन दौरों को दोनों देशों के सुरक्षा और काउंटर-टेररिज्म सहयोग के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भारत-कनाडा संबंधों में सुधार
कनाडा में सत्ता परिवर्तन के बाद, मार्क कार्नी के नेतृत्व में भारत-कनाडा संबंधों में सकारात्मक बदलाव आया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, डोभाल की कनाडा यात्रा का उद्देश्य इंटेलिजेंस और सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करना है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में अपनी कनाडाई समकक्ष अनीता आनंद के साथ द्विपक्षीय संबंधों और सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।

पिछली बातचीत और सुरक्षा एजेंडा
मार्क कार्नी के सत्ता में आने से पहले, भारत और कनाडा के बीच संबंध तनावपूर्ण थे। 2025 में कनाडा की सुरक्षा और खुफिया सलाहकार नाथाली ड्रोइन दिल्ली आई थीं और उन्होंने अजीत डोभाल से काउंटर-टेररिज्म और संगठित अपराध पर विस्तृत चर्चा की। यह बातचीत मुख्य रूप से 2023 में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद बिगड़े संबंधों को पटरी पर लाने के लिए हुई थी।

दोनों देशों ने इंटेलिजेंस साझा करने और आपसी विश्वास बहाल करने पर जोर दिया। साथ ही, क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

काउंटर-टेररिज्म और संगठित अपराध एजेंडा
डोभाल की कनाडा यात्रा और कार्नी के भारत आगमन को खालिस्तानी और संगठित अपराध नेटवर्क पर नियंत्रण के लिए रणनीतिक कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन दौरों से दोनों देशों के बीच सुरक्षा, इंटेलिजेंस और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा मिलेगी।

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कार्नी के सत्ता में आने से बदला माहौल
मार्क कार्नी के सत्ता में आने से पहले कनाडा भारत-विरोधी ताकतों का पनाहगार बनता दिख रहा था। खालिस्तानी विचारधारा वहां आक्रामक रूप ले रही थी और संगठित अपराध भारत के लिए चिंता का विषय बन गया था।
विशेष रूप से निज्जर हत्याकांड के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडु की टिप्पणियों से दोनों देशों के संबंध तनावपूर्ण हो गए थे।

जून 2025 में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी और मार्क कार्नी की मुलाकात के बाद सुरक्षा और काउंटर-टेररिज्म मुद्दों पर बातचीत का मार्ग स्पष्ट हुआ।

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डोभाल और कार्नी की यात्रा का उद्देश्य
राष्ट्रीय सुरक्षा और खुफिया सहयोग के लिहाज से डोभाल और कार्नी की ये यात्राएं रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं। दोनों देशों का लक्ष्य है:

  • खालिस्तानी और अन्य आतंकी गतिविधियों पर अंकुश लगाना
  • सुरक्षा और काउंटर-टेररिज्म सहयोग को मजबूत करना
  • भारत-कनाडा के बीच आपसी विश्वास और द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक बनाना

विशेषज्ञों का मानना है कि इन दौरों के बाद भारत-कनाडा रणनीतिक साझेदारी और सुरक्षा एजेंडा को नई दिशा मिलेगी, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता और आतंकवाद-रोधी प्रयासों को बल मिलेगा।

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