
सुल्तानपुर कोर्ट ने राहुल गांधी को किया तलब… शाह पर टिप्पणी का मामला फिर सुर्खियों में
Rahul Gandhi summoned: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर स्थित MP/MLA कोर्ट सुल्तानपुर ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर की गई टिप्पणी के मामले में राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने उन्हें 19 जनवरी को पेश होने का आदेश दिया है।
क्या है पूरा मामला
यह मामला करीब सात साल पुराना है। 8 मई 2018 को कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान बेंगलुरु में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने अमित शाह को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। उसी बयान को आधार बनाकर सुल्तानपुर के भाजपा नेता विजय मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि राहुल गांधी की टिप्पणी से न केवल केंद्रीय गृह मंत्री की छवि को ठेस पहुंची, बल्कि समाज में गलत संदेश भी गया। यह बयान जज बी.एच. लोया की मौत से जुड़े मामले के संदर्भ में दिया गया था, जिसे लेकर पहले ही सुप्रीम कोर्ट स्थिति स्पष्ट कर चुका है।
कोर्ट में क्या हुआ
मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की ओर से उनके वकील काशी शुक्ला ने गवाह रामचंद्र दुबे से जिरह पूरी की। वहीं शिकायतकर्ता की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि अब कोई अतिरिक्त गवाह पेश नहीं किया जाएगा। इसके बाद कोर्ट ने दंड प्रक्रिया संहिता (CRPC) की धारा 313 के तहत राहुल गांधी को तलब किया, ताकि वे अपने खिलाफ पेश साक्ष्यों पर अपना पक्ष रख सकें।
करीब 40 मिनट तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने कहा कि बिना आरोपी का पक्ष सुने कोई फैसला नहीं सुनाया जा सकता, इसलिए राहुल गांधी की व्यक्तिगत उपस्थिति जरूरी है।
यह भी पढ़ें…
मनरेगा में 2000 करोड़ का घोटाला… केशव मौर्य बोलें- जी राम जी से सुधरेंगे गांवों के हालात
किन धाराओं में दर्ज है केस
राहुल गांधी पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 499 और 500 के तहत मानहानि का मामला दर्ज है। इन धाराओं के तहत दोष सिद्ध होने पर अधिकतम दो साल तक की सजा का प्रावधान है। इससे पहले फरवरी 2024 में इसी मामले में गैर-जमानती वारंट पर पेशी के दौरान राहुल गांधी को जमानत मिल चुकी है।
यह भी पढ़ें…
CM Yogi ने कैबिनेट बैठक में 12 अहम प्रस्तावों पर लगाई मुहर… ग्रामीण विकास को बढ़ावा
राजनीतिक बयानबाज़ी तेज
कोर्ट के इस आदेश के बाद राजनीतिक हलकों में बयानबाज़ी तेज हो गई है। भाजपा जहां इसे कानून का पालन बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दे रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी को लगातार कानूनी मामलों में उलझाकर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।
अब सबकी नजरें 19 जनवरी पर टिकी हैं, जब राहुल गांधी को सुल्तानपुर कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होना है। उस दिन उनके बयान के बाद ही यह तय होगा कि मामला किस दिशा में आगे बढ़ेगा।
यह भी पढ़ें…





