‘अब कोई शिंदे गुट नहीं, सिर्फ एक शिवसेना है’; अमित शाह का उद्धव पर सीधा हमला

Amit Shah on Uddhav Thackeray: महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) के भीतर मचे सियासी घमासान के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला बोला है। कोल्हापुर में आयोजित एक जनसभा में शाह ने कहा कि अब महाराष्ट्र में किसी “शिंदे गुट” की बात करना बेमानी है, क्योंकि राज्य में केवल एक ही शिवसेना बची है और उसका नेतृत्व एकनाथ शिंदे कर रहे हैं।

अमित शाह का यह बयान ऐसे समय आया है जब उद्धव ठाकरे की पार्टी अपने कई सांसदों की बगावत से जूझ रही है। हाल के घटनाक्रम ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर शिवसेना की विरासत और नेतृत्व को लेकर बहस तेज कर दी है।

कोल्हापुर में गरजे अमित शाह
जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि कुछ साल पहले तक लोगों को एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले संगठन को “शिवसेना-शिंदे गुट” कहकर संबोधित करना पड़ता था, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक और जनाधार दोनों स्तरों पर शिवसेना का मूल स्वरूप अब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में दिखाई देता है। शाह ने दावा किया कि जनता और कार्यकर्ताओं ने भी शिंदे के नेतृत्व को स्वीकार कर लिया है।

कांग्रेस से गठबंधन पर साधा निशाना
गृह मंत्री ने अपने भाषण में उद्धव ठाकरे के कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन के साथ जाने के फैसले को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के लिए किए गए राजनीतिक समझौतों ने शिवसेना की मूल विचारधारा को कमजोर किया।

शाह ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे ने जिस हिंदुत्व और राष्ट्रवाद की राजनीति को आगे बढ़ाया था, उससे अलग रास्ता चुनने का खामियाजा आज उद्धव ठाकरे को भुगतना पड़ रहा है।

उन्होंने बिना नाम लिए राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व पर भी हमला बोला और कहा कि विचारधारा से समझौता करने वाली राजनीति लंबे समय तक टिक नहीं सकती।

सांसदों की बगावत ने बढ़ाई मुश्किलें
शिवसेना (यूबीटी) के लिए मुश्किलें उस समय और बढ़ गईं जब पार्टी के छह सांसदों ने अलग गुट बनाकर एकनाथ शिंदे की शिवसेना में विलय का फैसला किया। सांसदों ने इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष को पत्र भी सौंपा है।

इस घटनाक्रम को उद्धव ठाकरे के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि सांसदों और नेताओं का यह पलायन जारी रहा तो पार्टी की संगठनात्मक ताकत पर गंभीर असर पड़ सकता है।

महायुति ने दिखाया शक्ति प्रदर्शन
कोल्हापुर की सभा में अमित शाह के साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी मौजूद थे। मंच से तीनों नेताओं ने महायुति की एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की।

सभा में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे और शिंदे के समर्थन में नारे लगाए गए। भाजपा और शिंदे शिवसेना के नेताओं ने इसे महाराष्ट्र में गठबंधन की मजबूती का संकेत बताया।

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शिवसेना की विरासत पर जारी है संघर्ष
महाराष्ट्र में पिछले कुछ वर्षों से शिवसेना की पहचान और विरासत को लेकर राजनीतिक संघर्ष जारी है। एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद पार्टी दो हिस्सों में बंट गई थी, लेकिन अब सांसदों की नई बगावत ने उद्धव ठाकरे के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है।

अमित शाह का ताजा बयान इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में आया है और इसे आने वाले चुनावी समीकरणों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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बढ़ेगी सियासी बयानबाजी
शाह के बयान के बाद शिवसेना (यूबीटी) की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आने की संभावना है। राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होगा।

फिलहाल इतना तय है कि सांसदों की बगावत और अमित शाह के हमलों ने उद्धव ठाकरे के सामने खड़ी राजनीतिक चुनौतियों को और गहरा कर दिया है।

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