
Gorakhpur में दर्दनाक हादसा… राप्ती नदी में डूबे 4 किशोर, दो दिन बाद मिले शव
Gorakhpur News: गोरखपुर के खोराबार थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां राप्ती नदी में नहाने गए चार किशोरों की डूबकर मौत हो गई। दो दिन तक चले सघन सर्च ऑपरेशन के बाद शुक्रवार को सभी के शव बरामद कर लिए गए। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
घटना का पूरा विवरण
यह हादसा मिर्जापुर घाट स्थित पीपा पुल के पास हुआ। जानकारी के अनुसार, चारों किशोर गुरुवार को नदी में नहाने के लिए गए थे। गर्मी के कारण नदी में नहाना आम बात है, लेकिन इस बार यह मस्ती उनकी जिंदगी पर भारी पड़ गई।
कुछ समय बाद जब किशोर घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने तलाश शुरू की। इसी दौरान नदी किनारे उनकी चार साइकिलें और कपड़े पड़े मिले, जिससे आशंका गहराई कि वे नदी में डूब गए हैं। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
रेस्क्यू ऑपरेशन: दो दिन की कड़ी मशक्कत
सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंच गए।
सर्च ऑपरेशन में शामिल रहीं:
- राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF)
- राज्य आपदा मोचन बल (SDRF)
चार टीमों ने लगातार दो दिनों तक नदी में गहन तलाशी अभियान चलाया। तेज बहाव और गहराई के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण रहा शुक्रवार को एक-एक कर चारों किशोरों के शव बरामद किए गए, जिसके बाद अभियान समाप्त किया गया।
परिवारों में मचा कोहराम
जैसे ही शव मिलने की खबर गांव पहुंची, परिवारों में मातम छा गया।
मां-बाप और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और हर आंख नम है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, चारों किशोर आपस में अच्छे दोस्त थे और अक्सर साथ समय बिताते थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह दिन उनकी जिंदगी का आखिरी दिन बन जाएगा।
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हादसे की वजह क्या रही?
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि:
- नदी में गहराई अधिक थी
- बहाव तेज और खतरनाक था
- किशोरों को उस स्थान की सही जानकारी नहीं थी
संभावना है कि एक के डूबने पर बाकी उसे बचाने की कोशिश में खुद भी पानी की चपेट में आ गए।
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प्रशासन की अपील
घटना के बाद प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है:
- नदियों और गहरे जलाशयों में नहाने से बचें
- चेतावनी वाले स्थानों पर बिल्कुल न जाएं
- बच्चों और किशोरों को अकेले नदी में न जाने दें
यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि थोड़ी सी लापरवाही कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है। चार घरों के चिराग एक साथ बुझ गए, जिससे पूरे इलाके में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है। जरूरत है कि लोग सतर्क रहें और प्रशासन भी ऐसे खतरनाक घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
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