Modi की कूटनीति के कायल हुए ट्रंप, मुलाकात के बाद फिर की जमकर तारीफ

Donald Trump Statement: भारत और अमेरिका के संबंधों को लेकर एक बार फिर सकारात्मक संकेत देखने को मिले हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने प्रधानमंत्री Narendra Modi की खुलकर प्रशंसा करते हुए उन्हें “कूल”, “किलर” और दुनिया के सबसे सख्त वार्ताकारों में से एक बताया है। फ्रांस में दोनों नेताओं की मुलाकात के दौरान ट्रंप की यह टिप्पणी चर्चा का विषय बन गई है।

हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब ट्रंप ने सार्वजनिक मंच से पीएम मोदी की तारीफ की हो। अपने पहले कार्यकाल से लेकर अब तक वे कई बार मोदी के नेतृत्व, लोकप्रियता और कूटनीतिक क्षमता की सराहना कर चुके हैं। यही वजह है कि दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत और राजनीतिक रिश्तों को अक्सर वैश्विक राजनीति में एक खास उदाहरण के तौर पर देखा जाता है।

क्या बोले ट्रंप?
हालिया बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी बेहद प्रभावशाली नेता हैं और बातचीत के दौरान अपने देश के हितों को मजबूती से रखते हैं। उन्होंने कहा, “सच कहूं तो वह दुनिया के सबसे सख्त नेगोशिएटर्स में से एक हैं।”

इसके अलावा ट्रंप ने भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर भी भरोसा जताया। भारत को लेकर उठे सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि जब तक वे राष्ट्रपति हैं, भारत का व्हाइट हाउस में एक अच्छा दोस्त रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि वह भारत से प्रेम करते हैं और प्रधानमंत्री मोदी का बहुत सम्मान करते हैं।

पहले भी कर चुके हैं मोदी की तारीफ
ट्रंप और मोदी के बीच सार्वजनिक रूप से कई बार मजबूत राजनीतिक और व्यक्तिगत संबंध दिखाई दिए हैं। वर्ष 2019 में अमेरिका के ह्यूस्टन में आयोजित ऐतिहासिक “Howdy Modi” कार्यक्रम में ट्रंप ने मोदी को एक असाधारण नेता बताया था। उस कार्यक्रम में हजारों भारतीय-अमेरिकी नागरिक मौजूद थे और दोनों नेताओं ने मंच साझा किया था।

इसके बाद 2020 में अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम में आयोजित “Namaste Trump” कार्यक्रम के दौरान भी ट्रंप ने मोदी की लोकप्रियता की खुलकर प्रशंसा की थी। उन्होंने कहा था कि भारत मोदी के नेतृत्व में तेजी से आगे बढ़ रहा है और दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।

व्यक्तिगत संबंधों की भी होती रही चर्चा
अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का मानना है कि मोदी और ट्रंप के बीच केवल औपचारिक राजनयिक संबंध ही नहीं बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी बेहतर संवाद रहा है। दोनों नेता कई वैश्विक मंचों पर एक-दूसरे के प्रति सम्मान व्यक्त कर चुके हैं।

ट्रंप कई मौकों पर मोदी को “मेरा मित्र” कह चुके हैं, जबकि मोदी भी अमेरिका के साथ रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाने की बात करते रहे हैं। यही कारण है कि दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार, तकनीक और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग लगातार बढ़ता गया है।

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भारत-अमेरिका संबंधों के लिए क्या मायने?
ट्रंप के ताजा बयान को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब वैश्विक राजनीति में कई नए समीकरण बन रहे हैं। व्यापार, रक्षा सहयोग, आपूर्ति श्रृंखला, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भारत और अमेरिका के बीच साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान केवल व्यक्तिगत प्रशंसा नहीं, बल्कि भारत के प्रति अमेरिकी रणनीतिक दृष्टिकोण का भी संकेत माना जा सकता है। उन्होंने जिस तरह भारत को “व्हाइट हाउस का अच्छा दोस्त” बताया है, उससे दोनों देशों के रिश्तों को लेकर सकारात्मक संदेश गया है।

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वैश्विक मंच पर मजबूत होती साझेदारी
पिछले एक दशक में भारत और अमेरिका के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। रक्षा समझौतों, तकनीकी सहयोग, निवेश और वैश्विक चुनौतियों पर साझा रणनीति ने दोनों देशों को और करीब लाया है। ऐसे में ट्रंप द्वारा पीएम मोदी की एक बार फिर की गई प्रशंसा ने अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है।

फिलहाल इतना तय है कि ट्रंप और मोदी की राजनीतिक केमिस्ट्री एक बार फिर सुर्खियों में है और उनके बयानों को दोनों देशों के भविष्य के संबंधों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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