
सहारनपुर मस्जिद ध्वस्तीकरण मामला, हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
UP News: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में स्थित कलेक्ट्रेट परिसर की पुरानी मस्जिद को ढहाए जाने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। मस्जिद प्रबंधन (मुतवल्ली) की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से मामले में काउंटर एफिडेविट (जवाबी हलफनामा) दाखिल करने का निर्देश दिया है।
इसके साथ ही अदालत ने राहत देते हुए सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा मस्जिद कमेटी पर लगाए गए ₹6.41 करोड़ के भारी-भरकम जुर्माने और अर्थदंड की वसूली पर फिलहाल रोक लगा दी है।
बिना कानूनी प्रक्रिया के ध्वस्तीकरण का आरोप
मस्जिद कमेटी के मुतवल्ली की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में जिला प्रशासन की कार्रवाई की वैधता पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता का आरोप है कि सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने 16 जुलाई को मस्जिद को अवैध घोषित करते हुए जुर्माना लगाया था।
जिला अदालत से अपील खारिज होने के तुरंत बाद बिना पर्याप्त समय दिए और बिना उचित कानूनी नोटिस के तड़के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर दी गई। याचिका में यह भी दलील दी गई कि मस्जिद 1911 के दस्तावेजों के आधार पर अंग्रेजों के जमाने से मौजूद थी और इस कार्रवाई में प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 के प्रावधानों की अनदेखी की गई है।
हाईकोर्ट ने सरकार और प्रशासन से मांगा जबाब
इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका की सुनवाई के दौरान मस्जिद पक्ष के वकीलों ने तर्क दिया कि संबंधित जमीन पर मालिकाना हक और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े बिंदुओं को नजरअंदाज कर आनन-फानन में बुलडोजर चलाया गया। अदालत ने मामले के सभी पहलुओं को सुनने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन को अपना रुख स्पष्ट करने के लिए हलफनामा दाखिल करने का समय दिया है। वहीं, प्रशासन द्वारा थोपे गए 6 करोड़ रुपये से अधिक के अर्थदंड की रिकवरी पर स्टे लगाकर कमेटी को अंतरिम राहत प्रदान की है।
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प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
उच्च न्यायालय में सुनवाई को देखते हुए सहारनपुर जिला व पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आया। क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जुमे की नमाज के मद्देनजर कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती की गई थी। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि वे हाईकोर्ट के निर्देशों का पूरी तरह से पालन करेंगे और कोर्ट में अपना विस्तृत जवाब दाखिल करेंगे।
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