
Varanasi News: गंगा-वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए जमीनों की रजिस्ट्री पर रोक, 52 गांव प्रभावित
Varanasi News: वाराणसी में गंगा और वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट के लिए 52 गांवों में जमीनों की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री पर जिलाधिकारी ने रोक लगा दी है।
Varanasi News: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा और वरुणा नदी के किनारे बनने वाले महत्वाकांक्षी एलिवेटेड कॉरिडोर और रिंग रोड कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट को लेकर जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। वाराणसी के जिलाधिकारी (DM) के आदेशानुसार, इस परियोजना के दायरे में आने वाले सभी 52 गांवों में जमीनों की खरीद-बिक्री, रजिस्ट्री, दान-पत्र, सट्टा इकरारनामा और भूमि के श्रेणी परिवर्तन (Land Conversion) पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा प्रस्तावित इस कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और मुनाफाखोरी को रोकने के लिए यह सख्त फैसला लिया गया है।
परियोजना की मुख्य बातें और प्रभावित क्षेत्र
यह प्रोजेक्ट वाराणसी की कनेक्टिविटी को एक नई दिशा देगा, लेकिन फिलहाल इसके तहत आने वाली जमीनों के लेन-देन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
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गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर: यह नेशनल हाईवे-19 (NH-19) से लेकर रिंग रोड तक बनेगा। इससे रमना, डोमरी, सीरगोवर्धनपुर, भगवानपुर, सूजाबाद और नगवा समेत 12 गांव प्रभावित होंगे।
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वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर: यह नेशनल हाईवे-31 (NH-31) को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ेगा। इसके तहत सदर और पिंडरा तहसील के 40 गांव व क्षेत्र (जैसे हुकुलगंज, सिकरौल, कैंटोनमेंट, चौका, कोईराजपुर और चमांव) प्रभावित होंगे।
क्यों लगाई गई रोक?
प्रशासन के मुताबिक, राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम-1956 के तहत भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू हो चुकी है। जमीन के अवैध ट्रांसफर या अचानक श्रेणी बदलकर मुआवजा राशि में हेरफेर को रोकने के लिए यह प्रतिबंध लगाया गया है। इस आदेश के बाद अब प्रभावित गांवों के किसानों और निवेशकों की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई और मुआवजे की दरों पर टिकी हैं।
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एयरपोर्ट से सीधे नमो घाट और मंदिर तक बनेगा कॉरिडोर
योगी सरकार में मंत्री रविंद्र जायसवाल ने परियोजना की रूपरेखा बताते हुए कहा कि एयरपोर्ट से आने वाले यात्रियों को हरहुआ चौराहे से पहले ही एलिवेटेड फ्लाईओवर पर चढ़ने की सुविधा मिलेगी. यह मार्ग वरुणा नदी के किनारे सेंट्रल जेल के पास पहुंचेगा, जहां उतरने और चढ़ने के लिए पहला इंटरचेंज बनाया जाएगा.
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इसके बाद कॉरिडोर चौकाघाट, आयुर्वेद कॉलेज और नमो घाट तक पहुंचेगा, जहां दूसरा प्रमुख इंटरचेंज होगा. इसके बाद यह मार्ग नमो घाट के पास बन रहे सिग्नेचर ब्रिज से जुड़ेगा और फिर पड़ाव होते हुए रामनगर के टेंगरा मोड़ तक जाएगा. श्रद्धालुओं के लिए मंदिर क्षेत्र के निकट 4 हजार वाहनों की क्षमता वाली विशाल पार्किंग भी बनाई जाएगी.
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