
विनेश फोगाट को मिलेगा ट्रायल में मौका? दिल्ली हाई कोर्ट ने WFI से मांगा जवाब
Vinesh Phogat WFI: स्टार भारतीय पहलवान विनेश फोगाट और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के बीच जारी कानूनी विवाद में दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने बेहद महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। अदालत ने WFI से स्पष्ट जवाब मांगा है कि क्या ओलिंपियन विनेश फोगाट को आगामी 2026 सीनियर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के चयन ट्रायल में अस्थायी रूप से हिस्सा लेने की अनुमति दी जा सकती है।
विनेश फोगाट ने महासंघ द्वारा जारी 7 सितंबर के उस सर्कुलर को कोर्ट में चुनौती दी है, जिसके चलते वे आगामी विश्व चैंपियनशिप के ट्रायल से बाहर हो रही थीं।
ट्रायल से बाहर करने का विरोध
विनेश फोगाट की याचिका के अनुसार, मातृत्व (maternity) और चिकित्सकीय रिकवरी के कारण वे उन राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग नहीं ले सकी थीं, जिन्हें WFI ने विश्व चैंपियनशिप ट्रायल के लिए अनिवार्य पात्रता मानदंड बनाया है।
विनेश ने अदालत से गुहार लगाई है कि उन्हें 14 सितंबर को दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित होने वाले महिला चयन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दी जाए। साथ ही, महासंघ द्वारा उनके खिलाफ शुरू की गई अनुशासनात्मक कार्यवाही के अंतिम निर्णय पर फिलहाल रोक लगाई जाए।
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महिला एथलीटों के लिए नीति बनाने की मांग
अपनी याचिका में विनेश फोगाट ने केवल अपने लिए ही नहीं, बल्कि खेल जगत में महिला एथलीटों के अधिकारों के लिए भी एक बड़ा मुद्दा उठाया है। उन्होंने मांग की है कि गर्भावस्था, प्रसव और उसके बाद की शारीरिक रिकवरी से खेल के मैदान में लौटने वाली महिला पहलवानों के लिए एक स्पष्ट, पारदर्शी और निष्पक्ष चयन नीति (Return-to-Sport Policy) बनाई जानी चाहिए, ताकि मातृत्व अवकाश के कारण किसी भी प्रतिभावान खिलाड़ी का करियर प्रभावित न हो।
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अगले ट्रायल्स पर टिकी है नजरे
वहीं, सुनवाई के दौरान कुश्ती महासंघ (WFI) की ओर से पेश हुए वकील ने तर्क दिया कि विनेश को अनुशासनात्मक समिति के समक्ष अपनी बात रखने के कई अवसर दिए गए थे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने डब्ल्यूएफआई के वकील को निर्देश दिया है कि वे महासंघ के अधिकारियों से इस संबंध में स्पष्ट निर्देश लेकर कोर्ट को सूचित करें। अदालत के इस रुख के बाद अब नजरें 14 सितंबर को होने वाले ट्रायल्स पर टिक गई हैं।
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