
Stock Market: Jio प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग के दिन क्यों धड़ाम हुआ शेयर बाजार?
Stock Market Fall Today: शेयर बाजार के बहुप्रतीक्षित IPO में शुमार Jio Platforms Ltd की शेयर बाजार (BSE और NSE) में बुधवार को धमाकेदार शुरुआत हुई। हालांकि, एक तरफ जहां जियो के शेयरों की लिस्टिंग ने निवेशकों को गदगद कर दिया, वहीं दूसरी तरफ शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली और प्रमुख सूचकांक लाल निशान पर लुढ़क गए।
सेंसेक्स-निफ्टी कच्चे तेल की कीमतों की आग में झुलस गए। बीएसई का सेंसेक्स 900 अंक से अधिक लुढ़क कर 72650 पर आ गया। जबकि, निफ्टी 229 अंकों के नुकसान के साथ 22520 पर था।
IT शेयरों में भारी बिकवाली
शेयर मार्केट में आज की गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह आईटी शेयरों में भारी बिकवाली है। सेंसेक्स टॉप लूजर्स में इन्फोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक के शेयर हैं। इन्फोसिस 4.59 प्रतिशत गिरकर 1108 रुपये के करीब था। टीसीएस टेक महिंद्रा में करीब 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट थी। टीसीएस अब 2426.65 रुपये और टेक महिंद्रा 1751.20 रुपये पर आ गया। एचसीएल टेक 2.86 प्रतिशत टूटकर 1375.50 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।
जियो प्लेटफॉर्म की लिस्टिंग के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 2% की गिरावट आई। RIL के शेयर सुबह साढ़े 10 बजे के करीब 1176 रुपये पर आ गए थे। सेंसेक्स में सबसे अधिक वेटेज होने की वजह से इसका बड़ा असर देखने को मिला।
बड़े IPO के बाद लिक्विडिटी शिफ्ट
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, जब भी कोई बहुत बड़ा आईपीओ (जैसे 30,213 करोड़ रुपये का जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ) बाजार में लिस्ट होता है, तो इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स और बड़े निवेशकों का एक बड़ा हिस्सा उस नए शेयर में पोजीशन बनाने या प्रॉफिट बुकिंग करने में जुट जाता है।
इस प्रक्रिया के दौरान सेकेंडरी मार्केट के अन्य शेयरों और दिग्गज शेयरों (Heavyweights) से लिक्विडिटी या फंड्स की शिफ्टिंग होती है, जिसका अल्पकालिक दबाव मुख्य सूचकांकों पर देखने को मिलता है।
ग्लोबल बाजार के कमजोर संकेत
घरेलू बाजार में कारोबार की शुरुआत से ही वैश्विक बाजारों से सुस्त संकेत मिल रहे थे। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी मौद्रिक नीति बैठक और ब्याज दरों को लेकर निवेशकों में बनी अनिश्चितता के कारण वैश्विक स्तर पर बिकवाली का माहौल था। गिफ्ट निफ्टी (GIFT Nifty) ने भी पहले ही भारतीय बाजार के सतर्क या सुस्त खुलने के संकेत दे दिए थे।
ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली (Profit Booking)
पिछले कुछ सत्रों से बाजार में लगातार तेजी का रुख बना हुआ था, जिसके चलते निवेशकों और ट्रेडर्स ने ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली (Profit Booking) करना बेहतर समझा। आईटी, बैंकिंग और चुनिंदा हेवीवेट शेयरों में बिकवाली हावी होने के कारण सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही दबाव में आ गए।
कच्चे तेल की कीमतें
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से सतर्क रुख ने भी बाजार की चाल को प्रभावित किया। निवेशकों ने जोखिम भरे दांव से बचने के लिए फिलहाल कैश होल्ड करना या सुरक्षित सेक्टरों में पैसा लगाना उचित समझा।
लिस्टिंग ने संभाला निवेशकों का उत्साह
भले ही व्यापक बाजार में कमजोरी का माहौल रहा हो, लेकिन जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों ने निवेशकों को निराश नहीं किया। बीएसई और एनएसई पर जियो के शेयर इश्यू प्राइस (1,119 रुपये प्रति शेयर) के मुकाबले करीब 21% से अधिक के प्रीमियम के साथ लिस्ट हुए।
मजबूत सब्सक्रिप्शन (कुल 22.19 गुना) हासिल करने वाले इस शेयर की लिस्टिंग के बाद बाजार विश्लेषकों का मानना है कि जैसे ही बाजार में लिक्विडिटी का यह दौर सामान्य होगा, बाजार अपनी रिकवरी की रफ्तार को फिर से पकड़ लेगा।





