
Iran US Israel War: ईरान के परमाणु स्थलों को हुआ भारी नुकसान, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का दावा
Iran US Israel War: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को अचानक ईरान पर हमला बोल दिया। इस हमले के बाद से मिडिल ईस्ट में तनाव है। इजरायल-ईरान फिर एक दूसरे पर हमला कर रहे हैं।
Iran US Israel War: अमेरिका का बी-2 बॉम्बर ईरान में तबाही मचाकर लौट चुका है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस हमले को सटीक बता रहे हैं और उन्होंने ईरान को हुए नुकसान का आकलन भी कर दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कुछ सैटेलाइट तस्वीरों का जिक्र करते हुए कहा है कि ईरान में सभी परमाणु स्थलों को भारी क्षति हुई है।
‘ईरान के परमाणु स्थलों को भारी नुकसान’
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कुछ घंटे पहले सोशल साइट ‘ट्रुथ’ पर एक पोस्ट में लिखा, “सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि ईरान के सभी परमाणु स्थलों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। ‘नष्ट करना’ एक सटीक शब्द है। जो सफेद ढांचा दिखाई दे रहा है, वो चट्टान के भीतर गहराई से समाया हुआ है। इसकी छत भी जमीन के नीचे है। सबसे बड़ा नुकसान जमीन के नीचे गहराई में हुआ है।”
हमले के बाद अमेरिका लौटे B2 बॉम्बर
इसके पहले डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर अटैक के बाद अपने बी2 बॉम्बर के वापस लौटने का वीडियो शेयर किया। पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, “महान बी-2 पायलट अभी-अभी मिसौरी में सुरक्षित रूप से उतरे हैं। सटीक काम के लिए धन्यवाद।” इस वीडियो में ट्रंप का एक पोस्ट भी दिख रहा था, जिसमें उन्होंने लिखा था, “ईरान में परमाणु स्थलों को भारी क्षति पहुंची है। हमले बहुत ही सटीक और जोरदार थे। हमारी सेना ने बहुत ही कुशलता दिखाई।”
ईरान और इजरायल यूएन में भिड़ गए
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में बीती रात का नजारा किसी युद्धभूमि से कम नहीं था. इजरायल और ईरान के प्रतिनिधियों ने बहस के दौरान एक दूसरे पर हमला बोला. इस विवाद के केंद्र में थे अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप. अमेरिका के बंकर बस्टर बम की कार्रवाई से इजरायल खुश है. वह खुलकर अमेरिका की कार्रवाई और ट्रंप के फैसलों को ‘दुनिया की रक्षा’ का नाम दे रहा है. वहीं ईरान ने उसी कार्रवाई को ‘झूठे बहाने पर छेड़ा गया युद्ध’ बताया। इजरायल ने कहा कि पूरी दुनिया को ट्रंप का धन्यवाद करना चाहिए
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रविवार को कहा कि उनका देश ईरान के साथ युद्ध नहीं कर रहा है, बल्कि सिर्फ उसके परमाणु कार्यक्रम के साथ युद्ध कर रहा है। इस बीच उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने संकेत दिया कि वाशिंगटन अभी भी तेहरान के साथ कूटनीतिक रास्ता अपनाना चाहता है।
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अमेरिका ने इस सैन्य अभियान को ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ नाम दिया। अमेरिका ने बी2 स्टील्थ बॉम्बर को ईरान पर हमले के लिए भेजा, जिसने आसमान से बम बरसाए। ईरान के तीन मुख्य एटमी ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें नतांज, एस्फाहान और फोर्डो शामिल हैं।





