कैंसर को “अधिसूचित रोग” घोषित करें:सुप्रीम कोर्ट

सभी के लिए एक समान नीति होनी चाहिए

36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सिफारिशें मंजूर  

दिल्ली।सुप्रीम कोर्ट ने 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया कि वे कैंसर को “अधिसूचित रोग” घोषित करें ताकि रोगियों की शीघ्र पहचान हो सके और मरीजों को उचित इलाज व देखभाल मिल सके।केंद्र की ओर से शीर्ष अदालत को बताया गया कि 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से 17 ने संसदीय स्थायी समिति की सिफारिशों के आधार पर कैंसर को अधिसूचित बीमारी घोषित कर दिया है। इसके बाद कोर्ट ने यह निर्देश जारी किया। अधिसूचित बीमारियों में वह रोग शामिल होते हैं जिसका कोई भी मामला सामने आने पर डॉक्टरों और अस्पतालों के लिए सरकारी स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना देना कानूनन अनिवार्य होता है।

प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची और वी. मोहना की पीठ ने केंद्र सरकार से पूछा कि वह सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए कुछ अनिवार्य दिशा-निर्देश क्यों नहीं जारी कर रही। पीठ ने कहा कि सभी के लिए एक समान नीति होनी चाहिए। केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल कौशिक ने कहा कि स्वास्थ्य राज्य का विषय है और 17 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों ने इस बीमारी को अधिसूचित कर दिया है। सीजेआई ने बाकी बचे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया कि वे सिफारिशों पर विचार करें और उचित निर्णय लें। साथ ही इस संबंध में हलफनामा भी दाखिल करें।

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