
राष्ट्रपति सम्मानित: शास्त्री संगीत गायक पंडित चितरंजन ज्योतिषी का UP में जोरदार स्वागत
आयुष मंत्री ने चितरंजन ज्योतिषी को किया सम्मानित
लखनऊ। भारत के राष्ट्रपति द्वारा संगीत नाटक अकादमी सम्मान से सम्मानित होने के बाद पंडित चितरंजन ज्योतिषी का उत्तर प्रदेश में स्वागत का सिलसिला शुरू हो गया। दिल्ली से लौटने के बाद आयुष मंत्री दया शंकर मिश्रा “दयालु” ने घर जाकर सम्मानित किया।
प्रख्यात शास्त्री संगीत गायक पंडित चितरंजन ज्योतिषी को नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्वारा संगीत नाटक अकादमी द्वारा सम्मानित होने पर काशी में भेलूपुर कश्मीरी गंज में स्थित आवास जाकर आयुष मंत्री दया शंकर मिश्रा दयालु , सिगरा पार्षद सिंधु सोनकर, व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजीव सिंह बिल्लू ने उन्हें सम्मानित किया और उन्हें बधाई दिया।
मध्य प्रदेश के सागर में 4 फरवरी 1940 को जन्मे, चित्तरंजन ज्योतिषी ने शिव प्रसाद त्रिपाठी, ओंकारनाथ ठाकुर और बलवंत राय भट्ट जैसे गुरुओं से हिंदुस्तानी गायन संगीत की शिक्षा अर्जित की। ग्वालियर घराने में प्रशिक्षित होने के कारण आपने ख्याल, ध्रुपद, ठुमरी और भजन में भी महारत हासिल की और हारमोनियम और तबला वादन भी सीखा। एक कुशल गायक, संगीतकार और विद्वान के रूप में समादृत श्री ज्योतिषी अपनी विविध संगीत-रचनाओं के लिए ख्यात हैं। आपने ‘चित्तरंग’ उपनाम से संगीत रचना भी की है।
श्री ज्योतिषी ने कई दशकों तक संगीत शिक्षा और शोध के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। आप बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के प्रदर्शन कला संकाय में गायन संगीत विभाग के डीन और विभागाध्यक्ष रहे हैं। आपने ग्वालियर स्थित राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति के रूप में भी अपनी सेवाएँ दीं है। आपने देश-विदेश में व्याख्यान-प्रदर्शन किए हैं, ‘राग कल्पद्रुम का विश्लेषणात्मक अध्ययन’ नामक पुस्तक लिखी है, और पारंपरिक भारतीय संगीत तथा सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए समर्पित संस्थानों की स्थापना भी की है। आपको बहुत से पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है, जिनमें संगीत नाटक अकादेमी अमृत पुरस्कार, उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय एलुम्नस पुरस्कार, सरस्वती सम्मान और उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप प्रमुख हैं। बाद में श्री ज्योतिषी को भारतीय संगीत में योगदान के लिए संगीत नाटक अकादेमी का रत्न सदस्य चुना गया। यह सम्मान राष्ट्रपति के द्वारा दिनों प्राप्त हुआ।





