
हुज़ूर! मै अपने दोस्त इमरान की खैरियत चाहता हूं:कपिल देव
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को पत्र लिखा, इमरान की बेहतर हालात की अपील
दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान कपिल देव ने पाकिस्तान क्रिकेट के पूर्व कप्तान और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का समर्थन करते हुए अपने पुराने दोस्त के साथ मानवीय व्यवहार और उन्हें जरूरी सुविधाएं देने की मांग की है। यह मांग तब की गई है जब 21 पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर्स ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को पत्र लिखकर जेल में बंद पूर्व नेता के लिए बेहतर हालात की अपील की है। कपिल ने कहा कि वे समझते हैं कि पाकिस्तानी खिलाड़ी इस मामले पर सार्वजनिक रूप से बोलने से क्यों हिचकिचा सकते हैं, लेकिन उन्हें लगता है कि देश के बाहर रहने वाले लोग अपनी चिंता जाहिर कर सकते हैं।
कपिल ने ‘रेस टू डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप’ के लॉन्च के मौके पर पत्रकारों से कहा, “मुझे नहीं लगता कि मैं उन्हें दोष दे सकता हूं, क्योंकि पाकिस्तानी क्रिकेटर्स को पाकिस्तान में ही रहना है, लेकिन हम बाहर से देख रहे हैं। हां, मैं अपने उस दोस्त का समर्थन करना चाहता हूं, जिसके साथ हमने खेला और जिसकी क्रिकेटिंग स्किल्स की हमने तारीफ की। हम बार-बार कहते हैं कि हमें देश के कानून के बारे में जानकारी नहीं है; यह ठीक है। लेकिन इंसानियत और किसी कैदी को – चाहे वह कोई भी हो – सुविधाएं देना जरूरी है। वह देश के पूर्व प्रधानमंत्री और दुनिया के बेहतरीन क्रिकेटर रहे हैं, इसलिए हम चाहते हैं कि उनके साथ सबसे अच्छा व्यवहार हो। हम और क्या मांग रहे हैं? हम और कुछ नहीं मांग रहे हैं।”
यह बात तब कही गई जब पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर्स के एक ग्रुप ने खान के साथ हो रहे बर्ताव को लेकर शरीफ से अपील की। 6 महीनों में यह इस तरह की दूसरी सामूहिक अपील थी; इससे पहले फरवरी में एक चिट्ठी लिखी गई थी जिसमें 14 पूर्व कप्तानों ने पाकिस्तान के पूर्व कप्तान की सेहत को लेकर चिंता जताई थी।
इमरान खान के परिवार का आरोप है कि उनकी आंखों की रोशनी बहुत कम हो गई है। उनका दावा था कि कथित मेडिकल लापरवाही की वजह से उनकी एक आंख की रोशनी लगभग चली गई है। पिछली अपील में खान के लिए मेडिकल सुविधा और परिवार से मिलने की इजाजत बहाल करने की मांग की गई थी।
कपिल की बातों से इन दो पूर्व कप्तानों के बीच के अनोखे रिश्ते का भी पता चलता है। वे उस पीढ़ी का हिस्सा थे, जिसमें न्यूजीलैंड के रिचर्ड हैडली और इंग्लैंड के इयान बॉथम के साथ वे चारों उस दौर के बेहतरीन ऑलराउंडर माने जाते थे।
क्रिकेट के मैदान पर उनकी प्रतिद्वंद्विता के साथ-साथ मैदान के बाहर दोस्ती भी थी। वह दोस्ती दशकों तक कायम रही है; कपिल आज भी खान को दोस्त मानते हैं और कहते हैं कि उनकी अपील खान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के बजाय उनके साथ बुनियादी मानवीय बर्ताव पर केंद्रित है।
कपिल ने पाकिस्तान के क्रिकेट जगत से मिली सीमित प्रतिक्रिया को भी माना। खान के साथ खेलने वाली पीढ़ी के वसीम अकरम और कुछ अन्य लोगों ने ही इस बारे में बात की है। कपिल ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि मैं उन्हें दोष दे सकता हूं, क्योंकि उन्हें पाकिस्तान में ही रहना है, पाकिस्तानी क्रिकेटर्स को वहीं रहना है।” उन्होंने बताया कि वे उन लोगों की आलोचना क्यों नहीं करना चाहते जिन्होंने चुप रहने का फैसला किया।





