18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा भारत

कैबिनेट के अहम फैसले: रेलवे के सात हाई-डेंसिटी कॉरिडोर होंगे फोर-ट्रैक

भारत चौथी बारकी ब्रिक्स अध्यक्षता कर रहा

BRICS BHARAT MANDAP DELHI: भारत मंडपम में 12 और 13 सितंबर को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। भारत की अध्यक्षता में हो रही बैठक का आधिकारिक थीम “बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” रखा गया है। विदेश मंत्रालय ( एमईए ) ने  इन दो दिनों में होने वाली बैठकों और आयोजनों का शेड्यूल साझा किया है।

दो दिवसीय सम्मेलन में ब्रिक्स सदस्य देशों के नेताओं के साथ-साथ साझेदार देशों और आमंत्रित देशों के शीर्ष नेता भी हिस्सा लेंगे। भारत की अध्यक्षता के दौरान 25 से अधिक शहरों में 350 से ज्यादा बैठकें और उच्चस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। ब्रिक्स सदस्य देशों के नेता भारत मंडपम में पहुंचेंगे। इसके बाद दोपहर लगभग 2:35 बजे “इंक्लूसिव ग्लोबल गवर्नेंस एंड स्ट्रेंथनिंग मल्टीलेटरलिज्म” (समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करना) विषय पर बंद सत्र आयोजित किया जाएगा।

शाम 4:25 बजे ब्रिक्स नेताओं को भारत इनोवेट्स एग्जीबिशन का अवलोकन कराया जाएगा। इसके बाद शाम 5:05 बजे नेताओं का फैमिली फोटो और 5:10 बजे संयुक्त वृक्षारोपण कार्यक्रम होगा। दिन का समापन प्रधानमंत्री द्वारा आयोजित गाला डिनर के साथ होगा, जो शाम 7:30 बजे भारत मंडपम के लेवल-3 पर आयोजित किया जाएगा।
रविवार यानी 13 सितंबर को सुबह 9:55 बजे साझेदार देशों और ‘आउटरीच प्रोग्राम’ के तहत अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों/सरकार प्रमुखों का भारत मंडपम में आगमन होगा। इसी दिन सुबह 10:35 बजे फैमिली फोटो का कार्यक्रम होगा।

इसके बाद सुबह 10:50 बजे सम्मेलन का महत्वपूर्ण ओपन सेशन शुरू होगा। इसका विषय “बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी: शेपिंग द फ्यूचर फॉर इंक्लूसिव ग्लोबल ग्रोथ” होगा।
इस सत्र में ब्रिक्स देशों के साथ साझेदार और आमंत्रित देशों के नेता वैश्विक विकास, आर्थिक सहयोग और भविष्य की चुनौतियों पर विचार साझा करेंगे।

2026 का ब्रिक्स सम्मेलन भारत के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस वर्ष समूह अपनी स्थापना के 20 वर्ष पूरे कर रहा है। भारत चौथी बार इसकी अध्यक्षता कर रहा है। सम्मेलन में वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार, बहुपक्षवाद को मजबूत करने, व्यापार, वित्त, तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास जैसे मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर जोर रहने की उम्मीद है।

केंद्र द्र सरकार रेलवे के आधुनिकीकरण पर लगातार जोर दे रही है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के बाद बताया कि आज की बैठक में रेलवे आधुनिकीकरण से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर चर्चा हुई। ये परियोजनाएं पिछले 12 वर्षों से चल रहे रेलवे के व्यापक बदलाव और आधुनिकीकरण के काम का हिस्सा हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रेलवे के पूर्ण ओवरहाल और आधुनिकीकरण की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके तहत सात हाई-डेंसिटी रेलवे कॉरिडोर को फोर-ट्रैक और क्वाड्रुपल करने की योजना है। इन कॉरिडोर पर ट्रैक क्षमता बढ़ाने का काम किया जाएगा, ताकि भविष्य में इन मार्गों पर बढ़ने वाले यातायात का दबाव संभाला जा सके।

 

Back to top button