
जाति जनगणना में ‘गंभीर खामी’ का आरोप, जयराम रमेश ने मोदी सरकार को घेरा…
Jairam Ramesh: जाति जनगणना के फॉर्म में ‘ओपन-एंडेड’ सवालों पर कांग्रेस ने जताई आपत्ति, जयराम रमेश ने केंद्र पर प्रक्रिया को कमजोर करने का आरोप लगाया।
New Delhi: जाति जनगणना को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने मौजूदा जाति जनगणना के प्रारूप में ‘ड्रॉप-डाउन’ सूची के बजाय ‘ओपन-एंडेड’ सवाल रखे जाने पर सवाल उठाया है। उन्होंने इसे जाति जनगणना की प्रक्रिया में ‘बेहद गंभीर खामी’ बताते हुए आरोप लगाया कि ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूरी प्रक्रिया को विफल करना चाहते हैं।
जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस लगातार सरकार से जाति जनगणना को सही और व्यवस्थित तरीके से कराने की मांग करती रही है। उन्होंने बताया कि पार्टी ने पिछले चार दिनों में देशभर में 17 संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है।
जाति जनगणना के फॉर्म को लेकर क्या है विवाद?
कांग्रेस के मुताबिक, जाति जनगणना के मौजूदा प्रारूप में ‘ड्रॉप-डाउन’ सूची के बजाय ‘ओपन-एंडेड’ सवाल रखे गए हैं। ड्रॉप-डाउन सूची में व्यक्ति को पहले से दिए गए विकल्पों में से अपनी जाति का चयन करना होता है। वहीं, ओपन-एंडेड सवाल में व्यक्ति को अपना जवाब खुद लिखना पड़ता है।
जयराम रमेश का कहना है कि इस तरह की व्यवस्था से आंकड़ों को एकत्र करने और बाद में उनका विश्लेषण करने में मुश्किलें पैदा हो सकती हैं। कांग्रेस चाहती है कि जाति से जुड़े आंकड़ों को एक समान और व्यवस्थित तरीके से दर्ज किया जाए।
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‘जातिगत जनगणना सिर्फ जातियों की गिनती नहीं’
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि जातिगत जनगणना का उद्देश्य केवल जातियों की संख्या पता करना नहीं है, बल्कि इसका संबंध सामाजिक न्याय से भी है। उन्होंने सही सवाल, सही आंकड़े और उचित हिस्सेदारी को सामाजिक न्याय के लिए महत्वपूर्ण बताया।
जातिगत जनगणना का मतलब सिर्फ जातियों की गिनती नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना है।
सही तरीके के प्रश्न → सही आंकड़े → सही हिस्सेदारी → सामाजिक न्याय
कांग्रेस द्वारा बार-बार मांग उठाने के बावजूद मोदी सरकार द्वारा जातिगत जनगणना के मौजूदा प्रारूप में ड्रॉपडाउन सूची के… pic.twitter.com/jZV9SfS2VR
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) September 9, 2026
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की बार-बार मांग के बावजूद मोदी सरकार ने मौजूदा जाति जनगणना के प्रारूप में ड्रॉप-डाउन सूची के बजाय ओपन-एंडेड सवाल रखने का फैसला किया है। कांग्रेस महासचिव ने इसे गंभीर खामी बताया।
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देशभर में मुद्दा उठाने की तैयारी
कांग्रेस ने कहा है कि वह जाति जनगणना के मुद्दे को देशभर में उठाती रहेगी। पार्टी का तर्क है कि सही और विश्वसनीय आंकड़ों के आधार पर ही सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों की स्थिति का आकलन किया जा सकता है तथा नीतियां तैयार की जा सकती हैं।
जाति जनगणना के फॉर्मेट को लेकर कांग्रेस के आरोपों के बीच अब केंद्र सरकार की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर नजर रहेगी। फिलहाल कांग्रेस ने इस मुद्दे को सामाजिक न्याय और उचित प्रतिनिधित्व से जोड़ते हुए सरकार पर अपना दबाव बढ़ा दिया है।
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