
दुनिया का सबसे युवा प्रोफेसर बना 18 साल का नाथन, मेहनत और जुनून से रचा इतिहास…
नाथन थॉमस ने अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित मियामी डेड कॉलेज में इंजीनियरिंग पढ़ाना शुरू किया है। उनकी इस उपलब्धि को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज किया गया है। इससे पहले यह रिकॉर्ड करीब 306 साल पुराना था।
10 साल की उम्र में शुरू की कॉलेज की पढ़ाई
नाथन की उपलब्धियों की कहानी बेहद खास है। जब ज्यादातर बच्चे स्कूल की शुरुआती कक्षाओं में होते हैं, तब नाथन ने कॉलेज की पढ़ाई शुरू कर दी थी। उन्होंने महज 10 साल की उम्र में कॉलेज में दाखिला लिया और अपनी तेज सीखने की क्षमता के दम पर कम समय में बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं।
उन्होंने मात्र 14 साल की उम्र तक इंजीनियरिंग में बैचलर और मास्टर डिग्री पूरी कर ली थी। इसके बाद भी उन्होंने सीखने का सिलसिला जारी रखा और अब वह कानून की पढ़ाई भी कर रहे हैं।
इंजीनियरिंग पढ़ाएंगे छात्रों को
नाथन अब मियामी डेड कॉलेज में इंजीनियरिंग विषय के प्रोफेसर के तौर पर छात्रों को पढ़ा रहे हैं। इतनी कम उम्र में शिक्षक की भूमिका निभाना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।
जहां उनके कई उम्र के लोग अभी उच्च शिक्षा की शुरुआत कर रहे होते हैं, वहीं नाथन अपने ज्ञान को दूसरों तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
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मेहनत और सीखने की इच्छा बनी सफलता की वजह
नाथन की सफलता के पीछे उनकी लगातार सीखने की आदत और कठिन मेहनत को बड़ी वजह माना जा रहा है। उन्होंने साबित कर दिया कि अगर किसी व्यक्ति में सीखने की इच्छा और आगे बढ़ने का जुनून हो तो उम्र कभी बाधा नहीं बनती।
उनकी कहानी दुनियाभर के छात्रों के लिए प्रेरणा बन गई है। नाथन का सफर यह संदेश देता है कि प्रतिभा और लगन के दम पर कम उम्र में भी बड़े मुकाम हासिल किए जा सकते हैं।
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दुनिया भर में हो रही तारीफ
नाथन थॉमस की उपलब्धि के बाद सोशल मीडिया पर भी उनकी जमकर तारीफ हो रही है। लोग उनकी प्रतिभा, मेहनत और पढ़ाई के प्रति समर्पण को प्रेरणादायक बता रहे हैं।
18 साल की उम्र में प्रोफेसर बनकर नाथन ने न केवल एक रिकॉर्ड बनाया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि बड़े सपनों को पूरा करने के लिए उम्र नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प की जरूरत होती है।
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