वैष्णो देवी यात्रा 14 सितंबर से फिर होगी शुरू, भूस्खलन के बाद हो गयी थी स्थगित…

Vaishno Devi Yatra: माता वैष्णो देवी यात्रा, जो भूस्खलन के कारण दो हफ्ते से स्थगित थी, अब 14 सितंबर रविवार से फिर से शुरू होने जा रही है। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (एसएमवीडीएसबी) ने शुक्रवार को इस संबंध में आधिकारिक घोषणा की। बोर्ड ने कहा कि यात्रा की बहाली अनुकूल मौसम की स्थिति पर निर्भर होगी। एसएमवीडीएसबी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “अनुकूल मौसम की स्थिति के अधीन वैष्णो देवी यात्रा 14 सितंबर से पुनः शुरू होगी। जानकारी और बुकिंग के लिए हमारी वेबसाइट पर विजिट करें।”

26 अगस्त को अत्यधिक खराब मौसम के दौरान माता वैष्णो देवी मंदिर मार्ग पर भूस्खलन हुआ था, जिसमें 35 से अधिक तीर्थयात्रियों की मौत हो गई थी और 10 से अधिक अन्य घायल हुए थे। इस घटना के बाद यात्रा को स्थगित कर दिया गया और प्रशासन ने कटरा के होटल और धर्मशालाओं को खाली कराने के आदेश दिए।

भूस्खलन की त्रासदी के बाद श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की आलोचना हुई थी। जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने यात्रा प्रबंधन के मामलों में बोर्ड के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस घटना की जांच के लिए उच्च स्तरीय तीन सदस्यीय समिति का गठन किया। समिति की अध्यक्षता अतिरिक्त मुख्य सचिव (जल शक्ति) करेंगे और जम्मू के संभागीय आयुक्त व पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) सदस्य होंगे। समिति अगले सप्ताह अपनी रिपोर्ट बोर्ड को सौंपेगी।

यह भी पढ़ें…

सिक्किम में लैंडस्लाइड… 4 लोगों की मौत, 3 लापता; बचाव अभियान तेज

एसएमवीडीएसबी ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यात्रा पुनः शुरू करने से पहले कई उपाय किए हैं। मंदिर मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था के तहत स्पेशल कंट्रोल रूम, एम्बुलेंस सेवाएं और बचाव दल तैनात किए गए हैं। मौसम की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और आवश्यक होने पर यात्रा को पुनः स्थगित करने का विकल्प खुले रखा गया है।

यह भी पढ़ें…

चोरों ने की अजीबोगरीब हैवानियत; पहले लूटपाट…कुकर से वार फिर नहाकर फरार

रियासी जिले के कटरा स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर हर साल करोड़ों तीर्थयात्रियों को आकर्षित करता है। एसएमवीडीएसबी ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे मौसम और मार्ग सुरक्षा से संबंधित हिदायतों का पालन करें। विशेषज्ञों का कहना है कि भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं के बाद यात्रा की सुरक्षा चुनौतीपूर्ण हो सकती है, लेकिन प्रशासन और बोर्ड ने सख्त निगरानी, बचाव दल और मार्ग पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।

यात्रा के पुनः शुरू होने से श्रद्धालुओं को राहत मिली है और धार्मिक आस्था के साथ-साथ सुरक्षा पर भी ध्यान रखा गया है। प्रशासन ने तीर्थयात्रियों से आग्रह किया है कि वे संयम और सतर्कता के साथ यात्रा करें।

यह भी पढ़ें…

झारखंड निकाय चुनाव में देरी पर हाईकोर्ट सख्त, 14 सितंबर को आरोप गठन की चेतावनी

Back to top button