Air India फ्लाइट हाइजैक की आशंका; पायलट ने डर से दरवाजा किया बंद…

Air India: बेंगलुरु से वाराणसी जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट में तब हड़कंप मच गया, जब एक यात्री बीच उड़ान में कॉकपिट का दरवाजा खोलने लगा। पायलट ने डर के मारे दरवाजा लॉक कर दिया।

Air India: वाराणसी में एअर इंडिया एक्सप्रेस की बेंगलुरु-वाराणसी उड़ान में एक यात्री ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की। यात्री ने सही पासकोड भी डाला पर कैप्टन ने अपहरण के डर से दरवाजा नहीं खोला। विमान में सवार सभी यात्रियों को सीआइएसएफ को सौंप दिया गया। वाराणसी में लैंडिंग के बाद दोनों यात्रियों के साथ सफर कर रहे सात और यात्रियों को पुलिस के हवाले कर दिया गया है जहां डीसीपी उनसे पूछताछ कर रहे हैं।

कॉकपिट को टॉयलेट समझकर खोलने की कोशिश

शुरुआती जानकारी के अनुसार पैसेंजर ने बताया है कि वो पहली बार हवाई जहाज में चढ़ा था और उसने कॉकपिट को टॉयलेट समझकर गेट खोलने की कोशिश की थी। यात्री ने दावा किया है कि फ्लाइट के क्रू मेंबर ने जब उसे बताया कि उसने कॉकपिट का गेट खोलने की कोशिश की है तो वो चुपचाप अपनी जगह पर लौट गया।

कॉकपिट में लगे स्क्रीन पर केबिन का फुटेज देखकर पायलट ने यह समझ लिया कि ये कोई क्रू मेंबर नहीं है तो उसने कॉकपिट में घुसने का आग्रह ठुकरा दिया। पैसेंजर ने बार-बार यह कोशिश की और पायलट उसे हर बार रिजेक्ट करता रहा। पायलट को हाईजैक की कोशिश की आशंका हुई और उसने गेट नहीं खोला और इस तरह की कोशिश की जानकारी एटीसी को दी।

इंडियन एविएशन के नियम क्या कहते हैं?

इंडियन एविएशन के नियमों के अनुसार, अगर कोई यात्री जबरन कॉकपिट में घुसने की कोशिश करता है तो उसे सबसे गंभीर ‘प्रोटोकॉल के विरुद्ध’ माना जाता है. इस मामले में सजा दो साल से तक हो सकती है, साथ ही पूरे जीवन आपको नो-फ्लाई लिस्ट में भी डाला जा सकता है.

अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि यात्री ने कॉकपिट में घुसने की कोशिश क्यों की थी. एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX-1086 सुबह 8 बजे के बाद बेंगलुरु से उड़ान भरी थी. विमान के वाराणसी पहुंचने के बाद आरोपी यात्रियों को सीआईएसएफ के जवानों को सौंप दिया गया.

 

 

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