
करूर में विजय रैली भगदड़: पुलिस ने की दूसरी गिरफ्तारी…मुख्यमंत्री ने किया न्याय का वादा
Karur Stampede: तमिलनाडु के करूर में अभिनेता और नेता विजय की चुनावी रैली के दौरान हुई भगदड़ में अब तक 41 लोगों की मौत और 110 लोग घायल हुए हैं। इस घटना की जांच कर रही पुलिस ने मंगलवार को दूसरी गिरफ्तारी की है। गिरफ्तार व्यक्ति का नाम पावुनराज बताया गया है, जो TVK पार्टी अभियान के लिए झंडे और फ्लेक्स बैनर की व्यवस्था करता था।
पुलिस कार्रवाई
- इससे पहले सोमवार को पार्टी के पश्चिमी जिला सचिव मथियाझागन को गिरफ्तार किया गया था।
- अब तक दो लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इन दोनों गिरफ्तार अधिकारियों को आगे की प्रक्रिया के लिए पुलिस द्वारा ले जाया जाएगा।
- राज्य के शीर्ष पुलिस नेतृत्व ने घटना की उच्च-स्तरीय जांच का कार्य अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रेमानंद को सौंपा है।
घटना का कारण
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रैली के दौरान अचानक बिजली गुल हो जाने से अफरा-तफरी मच गई। लोग अतिरिक्त बिजली व्यवस्था और निकास द्वारों की ओर भागे, जिससे भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हुई।
मुख्यमंत्री का बयान
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और पीड़ितों को न्याय दिलाने का वादा किया। उन्होंने कहा:
“हमने न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं और राहत कार्य जारी हैं। अटकलें और गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियां केवल शोकाकुल परिवारों को ही ठेस पहुंचाएंगी।”
विपक्ष का रुख
अन्नाद्रमुक नेता एडप्पादी के पलानीस्वामी ने प्रशासन से जवाबदेही की मांग करते हुए कहा कि यह घटना घोर प्रशासनिक विफलता को दर्शाती है। उन्होंने भीड़ नियंत्रण उपायों और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल उठाए।
विजय का मुआवजा और मांग
अभिनेता और नेता विजय ने व्यक्तिगत रूप से प्रत्येक शोक संतप्त परिवार के लिए 20 लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की। उन्होंने इसे हृदय विदारक बताया और निष्पक्ष तथा स्वतंत्र जांच की मांग की। उन्होंने कहा:
“हमें सच्चाई सामने लाने की जरूरत है ताकि ऐसा हादसा दोबारा न हो।”
यह भी पढ़ें…
विजयादशमी और वीकेंड पर तमिलनाडु में विशेष बस और ट्रेन सेवा की घोषणा
स्थिति का संक्षेप
- मृतकों की संख्या: 41 (महिलाएं और बच्चे शामिल)
- घायल: 110, जिनमें से 51 लोग अब तक रिकवर हो चुके हैं
- मुख्य कारण: अचानक बिजली गुल होने से अफरा-तफरी और निकास द्वार की ओर धक्का-मुक्की
यह भी पढ़ें…
एक्स’ की याचिका खारिज, प्लेटफॉर्म ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर असर होने का जताया विरोध
प्रशासन और सुरक्षा उपायों की समीक्षा
- मुख्यमंत्री और पुलिस प्रशासन ने उच्च-स्तरीय जांच और राहत कार्य की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
- पुलिस ने आगामी रैलियों और सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा प्रोटोकॉल को और कड़ा करने का संकेत दिया है।
- प्रशासन ने लोगों से संयम बरतने और अटकलों पर ध्यान न देने की अपील की है, ताकि शोकाकुल परिवारों को और ठेस न पहुंचे।
यह मामला तमिलनाडु में सार्वजनिक कार्यक्रमों की सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
यह भी पढ़ें…





