
लखनऊ में सांसों पर जहरीली हवा का हमला, लालबाग और गोमतीनगर सबसे प्रदूषित
Lucknow News: लखनऊ में स्मॉग का घना कोहरा छा गया है। हवा की गुणवत्ता काफी खराब हो गई है। यह स्मॉग ठंडी हवाओं और नमी के कारण बना है। प्रदूषण के कण हवा में फैल नहीं पा रहे हैं।
Lucknow News: लखनऊ में सुबह से मौसम साफ बना हुआ है। धूप निकली है, लेकिन धुंध छाई हुई है। सड़क पर आवाजाही करने के दौरान आंखों में जलन हो रही। चेहरे पर लोग मास्क और कपड़ा बांधकर घर से बाहर निकल रहे। राजधानी की वायु गुणवत्ता (AQI) लगातार चिंताजनक बनी हुई है. हवा की गुणवत्ता खराब से बेहद खराब की स्थिति में पहुंच गया है।
Air Quality Index पर मंगलवार शाम 7 बजे लखनऊ का AQI 400 के पार दर्ज किया गया जो बच्चों और बुजुर्गों के लिए बेहद खतरनाक है। वहीं सांस के मरीजों की दिक्कत और बढ़ने की आशंका है।
भारतीय विष विज्ञान अनुसंधान संस्थान (आईआईटीआर) की नई रिपोर्ट के मुताबिक, औद्योगिक क्षेत्र अमौसी, व्यावसायिक क्षेत्र आलमबाग और आवासीय क्षेत्र गोमतीनगर में सबसे ज्यादा वायु प्रदूषण दर्ज किया गया है।
आवासीय में गोमतीनगर, व्यावसायिक में आलमबाग, औद्योगिक में अमौसी सबसे प्रदूषित
गोमतीनगर (आवासीय) : पीएम-10 का स्तर 104.5 माइक्रोग्राम/घन मीटर, पीएम-2.5 63.6 माइक्रोग्राम/घन मीटर
आलमबाग (व्यावसायिक) : पीएम-10 125.2, पीएम-2.5 84.8 माइक्रोग्राम/घन मीटर
अमौसी (औद्योगिक) : पीएम-10 141.3, पीएम-2.5 133.8 माइक्रोग्राम/घन मीटर
राष्ट्रीय मानकों के अनुसार पीएम-10 की अधिकतम सीमा 100 और पीएम-2.5 की 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है। यानी लखनऊ की हवा अब भी मध्यम प्रदूषित श्रेणी में है।
प्रदूषण का असर ज्यादा, बाहर निकलने से बचे
डॉक्टरों की सलाह है कि ऐसे दिनों में सुबह और शाम के समय बाहर निकलने से बचें, क्योंकि इस दौरान प्रदूषण का असर ज्यादा होता है. अगर बाहर जाना जरूरी हो, तो मास्क पहनें और आंखों को भी बचाकर रखें. वाहन चलाते समय भी सावधानी रखें, ताकि धूल-मिट्टी से सीधा संपर्क न हो. घर में पौधे लगाने और खिड़कियों को सीमित समय के लिए खोलने से भी थोड़ी राहत मिल सकती है.





