
Paper Leak पर संसद में टकराव, मकर द्वार पर NDA-INDIA का शक्ति प्रदर्शन…
NDA vs INDIA in Parliament: NEET पेपर लीक मामले में राजनीति जारी है। छात्र जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं और संसद में 4 दिन से हल्ला बोल रहे हैं। NDA और INDIA ब्लॉक दोनों ही गठबंधनों के सांसद संसद परिसर के अंदर मकर द्वार पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। मानसून सेशन के चौथे दिन संसद भवन में INDIA ब्लॉक लीडर्स की मीटिंग चल रही है।
इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं के नाम संदेश जारी कर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई, लेकिन विपक्ष ने इसे अपर्याप्त बताते हुए सरकार को सीधे निशाने पर ले लिया।
संसद परिसर में बढ़ा राजनीतिक तापमान
पेपर लीक मुद्दे पर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है। गुरुवार को संसद परिसर में INDIA गठबंधन के सांसद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और छात्रों के मुद्दों पर जवाबदेही की मांग करते हुए प्रदर्शन कर रहे थे। वहीं NDA सांसद भी सरकार के समर्थन में प्रदर्शन के लिए उतर आए। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से संसद परिसर में राजनीतिक माहौल बेहद गर्म दिखाई दिया।
PM मोदी ने युवाओं को दिया भरोसा
संसद में जारी गतिरोध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
प्रधानमंत्री के इस संदेश को सरकार ने छात्रों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का स्पष्ट संकेत बताया।
कांग्रेस ने कहा- अब नेतृत्व दिखाने का समय
प्रधानमंत्री के बयान पर कांग्रेस ने पलटवार किया। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि छात्र अपनी मांगें स्पष्ट रूप से रख रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी बात सुनने के बजाय अलग संदेश दे रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में छात्रों के साथ है तो शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए और प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों के मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के भविष्य की रक्षा करने में विफल रही है और अब जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रही है।
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संसद में गतिरोध बरकरार
पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्ष लगातार संसद में चर्चा और जवाबदेही की मांग कर रहा है। दूसरी ओर सरकार का कहना है कि वह हर तरह की चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष अनावश्यक शर्तें जोड़कर सदन नहीं चलने दे रहा है।
लगातार हंगामे के कारण संसद की कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है, जिससे कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
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राजनीतिक लड़ाई और तेज होने के आसार
पेपर लीक का मुद्दा अब छात्र आंदोलन से आगे बढ़कर बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। संसद के भीतर बहस और बाहर प्रदर्शन के बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों इसे लेकर आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में बना रहने की संभावना है।
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