Ayodhya मेडिकल कॉलेज का अनोखा फरमान, गलती करने पर कॉपी में लिखो ‘राम राम’

UP News: अयोध्या के राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज ने अनुशासन सिखाने का नया रास्ता चुना है. अब छात्रों को गलती पर डांट नहीं, बल्कि ‘राम राम’ या अपने ईश्वर का नाम लिखना होगा.

UP News: शिक्षा के मंदिरों में अनुशासन सिखाने के कई तरीके अपनाए जाते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश के अयोध्या के राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज ने छात्रों को अनुशासन का पाठ पढ़ाने का अनोखा तरीका अपनाया है। कॉलेज प्रशासन ने फैसला किया है कि अब अगर कोई छात्र या छात्रा पढ़ाई या कॉलेज कैंपस में कोई गलती करता है, तो उसे सजा के रूप में अपनी कॉपी में ‘राम राम’ लिखना होगा। कॉलेज प्रशासन ने फैसला किया है कि अब अगर कोई छात्र या छात्रा कॉलेज कैंपस या पढ़ाई के दौरान कोई गलती करता है, तो उसे सजा के तौर पर अपनी कॉपी में ‘राम राम’ लिखना होगा।

कोई राम नाम लिख सकता को कोई राधा नाम

मेडिकल कॉलेज के डॉ. सत्यजीत वर्मा ने बताया कि इसमें कोई धर्म की बाधा नहीं है. जो जिस धर्म का है, उस धर्म का अनुसरण कर इसको लिख सकता है. कोई राम नाम लिख सकता है तो कोई राधा नाम भी लिख सकता है. कलयुग में नाम जप की ही महिमा है. उन्होंने बताया कि एक स्पेशल राम नाम लेखक कॉपी मंगाई है, जिसमें 51 हजार तक रिक्तियां रहेंगी. उसमें गिनती के साथ आसानी से राम का नाम लिखा जा सकेगा.

मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा ने ऑनलाइन मार्केट से एक विशेष कॉपी का ऑर्डर भी कर दिया है. अब तक चार से पांच लोगों को राम का नाम लिखने की सजा मिल चुकी है. उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले एक-दो छात्र व स्टाफ अनुशासन में नहीं दिखे. यही नहीं तीमारदारों का भी यही हाल था. इन पर कार्रवाई करने का मन तो बनाया, लेकिन सोचा कि क्यों न इनमें राम के नाम से सहारे सुधार लाया जाए, क्योंकि राम का नाम तारक मंत्र होता है.

छात्रों ने अपनाया सुझाव

प्रधानाचार्य डॉ. वर्मा ने बताया कि यह कदम शुरुआत में उन्होंने कुछ छात्रों को मजाक में सुझाया था. लेकिन जब छात्रों ने इसे सकारात्मक रूप से अपनाया, तो कॉलेज प्रशासन ने इसे आगे बढ़ाने का फैसला किया. उन्होंने बताया कि अब तक 4 से 5 छात्रों ने ‘राम नाम’ लिखकर अपनी कॉपियां जमा की हैं. हमने इसे शुरू करने की कोई योजना नहीं बनाई थी, लेकिन बच्चों का उत्साह देखकर अब इसे जारी रखने पर विचार किया जा रहा है।

 

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