यूपी में अब प्रॉपर्टी रेट का मूल्यांकन हुआ आसान; यूनिफाइड रेट लिस्ट फॉर्मेट लागू

Unified Rate List: उत्तर प्रदेश सरकार ने सर्किल रेट निर्धारण में एक बड़ा बदलाव किया है। अब पूरे प्रदेश में सर्किल रेट के लिए एक समान मानक होंगे, जिससे संपत्ति का मूल्यांकन सरल हो जाएगा।

Unified Rate List: उत्तर प्रदेश में अब संपत्ति का मूल्यांकन आसान हो जाएगा. प्रदेश सरकार ने अब एकीकृत दर सूची (Unified Rate List) फॉर्मेट लागू किया है. इससे जिलों में चल रहे प्रॉपर्टी रेट और मूल्यांकन में सुधार होगा. यह प्रक्रिया बेहद सरल होगी और मानक के तौर पर काम करेगी. यह जानकारी प्रदेश के स्टांप, पंजीयन राज्यमंत्री रवींद्र जायसवाल ने दी है.अब जमीन का सर्कल रेट उसकी लोकेशन के आधार पर तय होगा। यानी सड़क के मुकाबले सड़क से थोड़ी दूर स्थित जमीन के दाम कम होंगे। गलियों की संपत्ति पर मुख्य सड़क के रेट से स्टांप ड्यूटी नहीं लगेगी।

जमीन की श्रेणियों के हिसाब से रेट

ऐसे में प्रदेशभर के सभी उपनिबंधक कार्यालयों में एक ही फार्मेट पर सर्किल रेट लिस्ट होगी, जिससे कोई भी व्यक्ति आसानी से अपनी संपत्ति का मूल्यांकन एवं स्टांप शुल्क की गणना कर सकेगा। जायसवाल ने बताया कि विकसित व विकासशील को समाप्त करते हुए नई दर सूची में नगरीय, अर्द्धनगरीय और ग्रामीण शीर्षक के तहत सभी क्षेत्र को 15 श्रेणियों में ही बांटा गया है।

इसी तरह सूची में कृषक, अकृषक(आवासीय) और वाणिज्यिक भूखण्डों के लिए अलग-अलग श्रेणियां बनाई गई हैं ताकि मूल्यांकन व्यावहारिक और पारदर्शी हो सके। मुख्य सड़क और उससे दूर गली में स्थित संपत्ति (भवन-भूखण्ड) के मूल्यांकन के लिए स्पष्ट व्यवस्था की गई है ताकि गली में स्थित संपत्ति के लिए मुख्य सड़क के सर्किल रेट के अनुसार स्टांप ड्यूटी न देनी पड़े।

ये बदलाव किए गए

निर्माण की उम्र के आधार पर 20 से 50% तक डेप्रिसिएशन लागू होगा। आयु, प्रजाति, परिधि के आधार पर वृक्षों का भी मूल्यांकन होगा। एक ही आराजी नंबर में कृषि-गैर कृषि भूमि होने पर अलग-अलग दरे होगी।

स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग ने पूरे प्रदेश में सर्किल रेट तय करने के एक मानक लागू कर दिए हैं। इससे प्रक्रिया पारदर्शी होगी और रेट जमीन की उपयोगिता के अनुसार तय होंगे.

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