46 साल पुराने दंगे की जांच ने पकड़ी रफ्तार, सम्भल में कुंए की खुदाई शुरू

Sambhal News: संभल जिले में प्रशासन ने 1978 के दंगों से जुड़े एक पुराने मामले की पुनः जांच की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। शहर के व्यापारी रामशरण रस्तोगी की हत्या के बाद उनका शव और दुकान का सामान जिस कुएं में फेंके जाने की बात सामने आई थी, उस कुएं की 46 साल बाद खुदाई शुरू कराई गई है। हालांकि पहले ही दिन एक बड़ा पेड़ आड़े आने के कारण खुदाई का काम रोकना पड़ा। पेड़ हटाए जाने के बाद कार्य दोबारा शुरू किया जाएगा।

पैदल गश्त के दौरान सामने आई जानकारी
दो दिन पहले डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया और एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई शहर में पैदल गश्त कर रहे थे। इसी दौरान जब वे एकता पुलिस चौकी के पास पहुंचे, तो वहां एक पाटा हुआ पुराना कुआं दिखाई दिया। आसपास के लोगों से पूछताछ में पता चला कि इसी कुएं में 1978 के दंगे के दौरान व्यापारी रामशरण रस्तोगी का शव फेंका गया था। जानकारी मिलते ही दोनों अधिकारियों ने कुएं की खुदाई के आदेश दिए।

नगर मजिस्ट्रेट ने कराया कार्य प्रारम्भ
बुधवार को नगर मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार सोनी और नगर पालिका अधिशासी अधिकारी डॉ. मणिभूषण तिवारी मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने बताया कि कुआं सड़क किनारे लगे एक बड़े पेड़ के नीचे स्थित है। प्रशासन ने पहले आसपास की सफाई कराई और फिर मजदूरों से फावड़ा चलवाकर खुदाई शुरू कराई।

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पेड़ आड़े आने से कार्य रोकना पड़ा
थोड़ी देर बाद ही पेड़ की जड़ों के कारण कुएं की खुदाई बाधित होने लगी। इस पर अधिकारियों ने वन विभाग को बुलाया। पेड़ की जांच के बाद उसे काटने की अनुमति दे दी गई, लेकिन प्रक्रिया पूरी होने तक काम रोकना पड़ा है।

नगर मजिस्ट्रेट ने बताया कि—
“यह कुआं बहुत पुराना है और 1978 के दंगे के मामले से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। पेड़ हटने के बाद खुदाई का काम फिर से शुरू कराया जाएगा।”

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व्यापारी के परिवार ने याद किया वह दर्दनाक दिन
कुएं के पास ही दुकान चलाने वाले सुशील कुमार, जो मृतक व्यापारी रामशरण रस्तोगी के परिजन हैं, ने बताया कि—
“हमने बचपन से इस कुएं को देखा है। दंगों के दौरान हमारे ताऊ रामचरन दास रस्तोगी की हत्या कर उपद्रवियों ने शव इसी कुएं में फेंक दिया था।”

स्थानीय लोगों में उत्सुकता
अधिकारियों के पहुंचने और कुएं की खुदाई की शुरुआत के बाद स्थानीय लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए। दशकों पुराने इस मामले के दोबारा खुलने से इलाके में उत्सुकता व चर्चाएं तेज हो गई हैं।

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