
तीन बच्चों की मां ने फुफेरे भाई संग रचाई शादी… हैरान कर देगा पति का रिएक्शन
Bihar News: बिहार के जंदाहा नगर पंचायत क्षेत्र से एक चौंकाने वाला और चर्चा में आने वाला मामला सामने आया है। तीन बच्चों की मां रानी कुमारी ने अपने पति कुंदन कुमार को छोड़कर अपने फुफेरे भाई गोबिंद कुमार से कोर्ट मैरिज कर ली। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे लेकर जनता में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
पहली शादी और बच्चों की जिम्मेदारी
रानी कुमारी की पहली शादी वर्ष 2011 में कुंदन कुमार के साथ कोर्ट मैरिज के जरिए हुई थी। कुंदन जंदाहा में ग्राहक सेवा केंद्र चलाते हैं। इस शादी से रानी के तीन बच्चे हैं, जो अब अपने पिता कुंदन कुमार के पास रहेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, रानी कुमारी का अपने फुफेरे भाई गोबिंद कुमार के साथ पिछले लगभग पांच साल से प्रेम संबंध था। इस दौरान रानी कई बार अपने पति और बच्चों को छोड़ कर चली गई थीं, जिससे कुंदन कुमार मानसिक रूप से परेशान रहते थे। बार-बार समझाने के बावजूद रानी अपने फैसले पर अड़ी रहीं।
हैरान कर देने वाला है पूर्व पति का रिएक्शन
कुंदन कुमार ने रानी के फैसले का सम्मान किया और खुशी-खुशी उन्हें विदा किया। उन्होंने शादी में खुद गवाह बनकर रानी और गोबिंद की वैध शादी सुनिश्चित की।
अंततः रानी कुमारी ने स्पष्ट कर दिया कि वह अब अपने पहले पति के साथ नहीं रहना चाहतीं और गोबिंद कुमार के साथ जीवन बिताना चाहती हैं। इसके बाद आपसी सहमति से तय हुआ कि तीनों बच्चे पिता कुंदन कुमार के पास ही रहेंगे।
रानी की खुशी को देखते हुए कुंदन कुमार ने उनके प्रेम विवाह में कोई बाधा नहीं डाली और खुद कोर्ट में गवाह बनकर रानी और गोबिंद की शादी करवाई।
यह भी पढ़ें…
आलोक राज का अध्यक्ष पद से इस्तीफा… नियुक्ति के तीन दिन बाद छोड़ी जिम्मेदारी
नई जिंदगी की शुरुआत
गोबिंद कुमार ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि रानी अब मुझे छोड़कर कहीं नहीं जाएंगी।
तो वही रानी कुमारी ने कहा कि… “मैं पहले पति के साथ खुश नहीं थी और अपनी मर्जी से गोबिंद से शादी की है।”
दोनों के बीच लंबे समय से सोशल मीडिया और फोन के जरिए बातचीत होती रही, जिससे उनका रिश्ता और मजबूत हुआ।
यह भी पढ़ें…
Lalu Yadav को राहत नहीं, IRCTC केस में ट्रायल रोकने से हाई कोर्ट ने किया इनकार
सोशल मीडिया और जन प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस मामले का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। लोगों की प्रतिक्रियाएं भी दोहरी हैं। कुछ लोग इसे महिला की व्यक्तिगत आज़ादी और प्यार की जीत मान रहे हैं, तो कुछ इसे पारिवारिक और सामाजिक नियमों के खिलाफ बता रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला दर्शाता है कि प्यार, समझदारी और पारिवारिक सहयोग किसी भी रिश्ते में बदलाव को सहज और सम्मानजनक बनाने में मदद कर सकता है।
यह भी पढ़ें…





