AI स्मार्ट चश्मों से दिल्ली की निगरानी… गणतंत्र दिवस पर ऐसे होगी संदिग्धों की पहचान

Delhi Police: दिल्ली पुलिस ने गणतंत्र दिवस 2026 के भव्य समारोह के लिए सुरक्षा इंतजामों को पहले से कहीं अधिक सख्त और हाई-टेक बना दिया है। इस साल परेड की सुरक्षा के लिए पुलिस पहली बार AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से लैस स्मार्ट ग्लासेस का इस्तेमाल कर रही है, जो भीड़ में छिपे संदिग्धों और अपराधियों की पहचान करने में सक्षम हैं।

स्मार्ट ग्लासेस की तकनीक
दिल्ली पुलिस के अनुसार, ये स्मार्ट ग्लासेस फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) से लैस हैं। इसका मतलब है कि भीड़ में मौजूद किसी व्यक्ति का चेहरा कुछ ही सेकंड में पुलिस रिकॉर्ड से मैच किया जा सकता है। अगर कोई चेहरा रिकॉर्ड में मौजूद संदिग्ध या वांटेड अपराधी से मेल खाता है, तो पुलिसकर्मी को तुरंत ऑन-डिवाइस अलर्ट मिल जाएगा।

ऑफलाइन काम करने की क्षमता
एडिशनल सीपी देवेश कुमार महला ने बताया कि ये चश्मे इंटरनेट कनेक्शन के बिना भी काम कर सकते हैं। यह डेटा को ऑफलाइन प्रोसेस कर संदिग्ध को पहचानता है। इंटरनेट की जरूरत तब पड़ेगी जब अलर्ट को हेडक्वार्टर या अन्य यूनिट्स तक भेजना हो।

हथियार और थर्मल स्कैनिंग
सिर्फ चेहरा ही नहीं, स्मार्ट ग्लासेस में थर्मल इमेजिंग और वीडियो एनालिटिक्स की सुविधा भी है। इसका मतलब यह है कि पुलिसकर्मी भीड़ में यह भी देख सकेंगे कि किसी ने अपने कपड़ों के अंदर हथियार या प्रतिबंधित वस्तु तो नहीं छिपाई है।

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संदिग्ध पहचान की सटीकता
चश्मों में 10,000 से अधिक संदिग्धों और वांटेड अपराधियों का डेटाबेस मौजूद है। यह सिस्टम चेहरों की बनावट के आधार पर पहचान कर सकता है, चाहे व्यक्ति ने दाढ़ी बढ़ा ली हो, चेहरे पर निशान हों या डेटाबेस में फोटो 10–20 साल पुरानी क्यों न हो।

सुरक्षा इंतजाम
गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में लगभग 10,000 पुलिसकर्मी तैनात होंगे। पूरे शहर में 3,000 से अधिक CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिन्हें 30 कंट्रोल रूम से मॉनिटर किया जाएगा। परेड रूट और प्रवेश बिंदुओं पर 4-लेयर चेकिंग होगी और ड्रोन सर्विलांस का भी उपयोग किया जाएगा।

स्मार्ट ग्लासेस को परेड रूट, प्रमुख एंट्री पॉइंट्स और चौराहों पर तैनात पुलिसकर्मी पहनेंगे, ताकि भीड़ में किसी भी संदिग्ध को तुरंत पहचान कर कार्रवाई की जा सके।

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विशेषताएँ संक्षेप में

  • FRS (Face Recognition System) से भीड़ में चेहरे की पहचान।
  • थर्मल इमेजिंग से हथियार की खोज।
  • ऑफलाइन डेटा प्रोसेसिंग, इंटरनेट की आवश्यकता न्यूनतम।
  • मोबाइल ऐप के जरिए 10,000 से अधिक संदिग्धों के डेटाबेस से लिंक।
  • पुराने फोटो या चेहरे के बदलाव को पहचानने में सक्षम।

यह हाई-टेक व्यवस्था गणतंत्र दिवस समारोह को सुरक्षित और नियंत्रित बनाने की दिशा में दिल्ली पुलिस का ऐतिहासिक कदम है, जो पहले कभी नहीं देखा गया।

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