
NCP का विलय और डिप्टी CM पद की मांग… शरद पवार करेंगे अंतिम फैसला
Maharashtra News: महाराष्ट्र में एनसीपी (NCP) के अंदर चल रही सियासी हलचल अब मीडिया में जोर पकड़ने लगी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और कुछ विधायक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलने के बाद यह मांग उठा रहे हैं कि अजित पवार की पत्नी को राज्य की उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) के पद पर नियुक्त किया जाए। साथ ही, कुछ नेताओं ने यह भी सुझाव दिया है कि उन्हें महत्वपूर्ण विभाग भी आवंटित किए जाएँ।
NCP के अंदर उठ रही मांग
एनसीपी के अंदर यह मांग पार्टी के अंदर चल रहे विलय और पद-संरचना के मुद्दों से जुड़ी हुई है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के कई नेता मानते हैं कि अजित पवार की पत्नी को उपमुख्यमंत्री का पद देने से पार्टी के भीतर संतुलन बना रहेगा और आगामी राजनीतिक परिस्थितियों में एनसीपी का प्रभाव भी मजबूत होगा।
कुछ नेताओं ने फडणवीस से मुलाकात कर इस मुद्दे पर बातचीत की और अपने सुझाव रखे। फडणवीस ने इस बारे में औपचारिक निर्णय से पहले पार्टी की उच्चस्तरीय बैठक की सलाह दी।
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विभागों के आवंटन पर भी चर्चा
सिर्फ पद ही नहीं, बल्कि विभागों के आवंटन पर भी नेताओं ने जोर दिया है। पार्टी के अंदर यह माना जा रहा है कि यदि उपमुख्यमंत्री पद के साथ कुछ महत्वपूर्ण विभाग भी दिए गए, तो पार्टी की भूमिका सरकार में अधिक प्रभावशाली बनेगी।
NCP विलय का फैसला शरद पवार करेंगे
हालांकि, अंतिम फैसला एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार के हाथ में होगा। वे पार्टी के विलय, पद वितरण और विभागों के आवंटन सहित सभी मामलों पर अंतिम निर्णय लेंगे। इससे पहले भी शरद पवार ने पार्टी के अंदर किसी भी बड़े निर्णय को लेकर संयम और संतुलन बनाए रखने की नीति अपनाई है।
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राजनीतिक विश्लेषण
विश्लेषकों का कहना है कि महाराष्ट्र में इस तरह की सियासी हलचल आम हैं, लेकिन पदों और विभागों के आवंटन को लेकर नेताओं के बीच सीधे बातचीत का असर सरकार की कार्यप्रणाली और राजनीतिक समीकरणों पर भी पड़ सकता है। इस मांग के पूरी तरह मंजूर होने या अस्वीकार होने का निर्णय आने वाले कुछ दिनों में सामने आ सकता है।
अजित पवार की पत्नी को डिप्टी CM बनाने की मांग और संबंधित विभागों का आवंटन NCP के लिए एक संवेदनशील मुद्दा है। पार्टी के अंदर संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ शरद पवार के फैसले पर पूरी नजर रहेगी।
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