लखनऊ में VHRP का उग्र प्रदर्शन, मुर्शिदाबाद कूच रोके जाने पर हुमायूं कबीर का फूका पुतला

Lucknow News: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में प्रस्तावित मस्जिद निर्माण के मुद्दे को लेकर लखनऊ में विश्व हिंदू रक्षा परिषद (वीएचआरपी) का विरोध प्रदर्शन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। संगठन के कार्यकर्ताओं को मुर्शिदाबाद जाने से रोके जाने के बाद राजधानी में धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी तेज हो गई।

प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने हुमायूं कबीर का पुतला दहन किया और हाथों में भगवा झंडे लेकर मस्जिद निर्माण के विरोध में नारे लगाए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने विवादित नारे भी लगाए, जिससे माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गया। मौके पर पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित रखा।

बाबर के नाम से नहीं बनेगी मस्जिद
गोपाल राय ने कहा कि बाबर के नाम पर किसी भी मस्जिद का निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि बाबरी मस्जिद का मुद्दा इतिहास बन चुका है और उसे दोबारा उठाकर देश का माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने पश्चिम बंगाल के विधायक हुमायूं कबीर पर मुर्शिदाबाद में मस्जिद निर्माण शुरू करवाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह “सोची-समझी साजिश” है। राय के अनुसार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और दिल्ली से हजारों कार्यकर्ता पश्चिम बंगाल के लिए रवाना हुए थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। उनका दावा है कि पश्चिम बंगाल सीमा पर लगभग 25 हजार कार्यकर्ताओं को रोका गया।

कानून के दायरे में करेंगे विरोध
हालांकि तीखी बयानबाजी के बीच गोपाल राय ने कार्यकर्ताओं से कानून हाथ में न लेने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि संगठन संविधान और न्यायपालिका पर भरोसा रखता है।

“हम कानून का सम्मान करने वाले लोग हैं। अगर मस्जिद का निर्माण होता है तो हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और कानूनी प्रक्रिया के जरिए अपना विरोध दर्ज कराएंगे,” उन्होंने कहा।

राय ने यह भी कहा कि संगठन सभी धर्मों का सम्मान करता है और भाईचारे में विश्वास रखता है, लेकिन ऐतिहासिक विवादों को फिर से जीवित कर माहौल बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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राजनीतिक लाभ के लिए उठाया जा रहा मुद्दा
गोपाल राय ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से भुनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ दल आगामी चुनावों को देखते हुए धार्मिक भावनाओं को उभार रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि उन्हें पहले दिल्ली में हाउस अरेस्ट किया गया और अब लखनऊ से बाहर जाने से रोका जा रहा है। “अगर हमें रोका न जाता तो हम दिखाते कि निर्माण रोकने के लिए क्या कर सकते हैं,” उन्होंने कहा।

वहीं, हुमायूं कबीर का बयान सामने आया है कि “पश्चिम बंगाल अयोध्या नहीं है,” जिसके बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।

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प्रशासन सतर्क… बढ़ाई गई सुरक्षा 
लखनऊ में प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन अलर्ट पर हैं। संवेदनशीलता को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने नहीं दी जाएगी और शांति बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।मुर्शिदाबाद में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि कानून हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।

मुर्शिदाबाद में प्रस्तावित मस्जिद निर्माण को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। एक ओर संगठन इसका विरोध कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर संबंधित पक्ष इसे धार्मिक अधिकारों का मामला बता रहे हैं। फिलहाल, मामला राजनीतिक बयानबाजी और संभावित कानूनी लड़ाई की दिशा में बढ़ता दिख रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।

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