ग्लोबल अनिश्चितता के बीच भारतीय बाजार स्थिर, Nifty 50 ने दर्ज की बढ़त

Stock Market: फरवरी में भारतीय शेयर बाजार में निफ्टी 50 इंडेक्स में 0.6% की बढ़ोतरी देखी गई, जिसे यूनियन बजट और US-इंडिया ट्रेड डील से सपोर्ट मिला. हालांकि, विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने नेट ₹1,374 करोड़ बेचे, जिसका मुख्य कारण मार्केट में उतार-चढ़ाव के बीच IT स्टॉक्स में भारी बिकवाली थी.

भारतीय शेयर बाजार ने फरवरी में उतार-चढ़ाव के बीच मजबूती दिखाई और निवेशकों का भरोसा आंशिक रूप से बहाल हुआ। प्रमुख सूचकांक Nifty 50 में लगभग 0.6% की बढ़त दर्ज की गई, जिससे बाजार धारणा में सुधार देखा गया। हाल ही में पेश यूनियन बजट के प्रावधानों ने बाजार को महत्वपूर्ण समर्थन प्रदान किया। सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च बढ़ाने और विनिर्माण को प्रोत्साहन देने पर विशेष जोर दिया। कुछ कर राहतों की घोषणाओं ने मध्यम अवधि की निवेश उम्मीदों को मजबूत किया। संभावित US-India ट्रेड डील को लेकर भी बाजार में सकारात्मक चर्चा बनी रही।

हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सतर्क रुख जारी रखा। फरवरी के दौरान FIIs ने लगभग ₹1,374 करोड़ की शुद्ध बिकवाली दर्ज की। वैश्विक बाजारों में अस्थिरता से निवेश प्रवाह प्रभावित हुआ। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव ने जोखिम लेने की क्षमता कम की। डॉलर की मजबूती ने उभरते बाजारों पर अतिरिक्त दबाव डाला।

सेक्टोरल स्तर पर IT शेयरों में सबसे अधिक कमजोरी देखी गई। वैश्विक मांग को लेकर अनिश्चितता से टेक कंपनियों पर दबाव बना।निवेशकों ने संभावित मार्जिन असर को ध्यान में रखते हुए मुनाफावसूली की। इसके विपरीत बैंकिंग और ऑटो शेयरों में चुनिंदा खरीदारी दर्ज की गई। कैपिटल गुड्स सेक्टर ने बाजार को संतुलन प्रदान किया।

विश्लेषकों का मानना है कि बाजार की दिशा कई कारकों पर निर्भर करेगी। महंगाई के आंकड़े और ब्याज दरों पर केंद्रीय बैंक का रुख अहम रहेगा। कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक घटनाक्रम पर भी नजर रहेगी। निवेशकों को लंबी अवधि का नजरिया अपनाने की सलाह दी गई है।

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